सीहोर में नमक चौराहे पर वाटर टैंक की आड़ में बेसमेंट की खुदाई का आरोप, नपा की कार्रवाई पर सवाल

सीहोर। शहर के व्यस्त नमक चौराहे के पास चल रहे निर्माण कार्य ने नगर पालिका की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वाटर टैंक या सेप्टिक टैंक बनाने के नाम पर बड़े और गहरे गड्ढे की खुदाई की जा रही है, जबकि मौके की स्थिति कथित बेसमेंट निर्माण की आशंका पैदा कर रही है। शिकायतों के बाद नगर पालिका का अमला नोटिस लेकर पहुंचा, लेकिन उसे स्वीकार करने वाला कोई नहीं मिला। अब सवाल यह है कि निर्माण की वास्तविक प्रकृति क्या है, अनुमति किन शर्तों पर दी गई है और नियमों के उल्लंघन की आशंका पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी?
वाटर टैंक के नाम पर इतनी गहरी खुदाई क्यों?
नमक चौराहे के पास निर्माण स्थल पर बड़े आकार का गड्ढा खोदे जाने को लेकर आसपास के लोगों में चिंता है। स्थानीय रहवासी अनिल, मनोज, विवेक और अन्य नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण केवल वाटर टैंक या सेप्टिक टैंक के लिए है, तो उसकी स्वीकृत योजना और वास्तविक खुदाई का मिलान होना चाहिए। लोगों ने आशंका जताई है कि कहीं टैंक की आड़ में बेसमेंट तो तैयार नहीं किया जा रहा। हालांकि, निर्माण की वास्तविक स्थिति और स्वीकृति संबंधी दस्तावेजों की आधिकारिक जांच के बाद ही इस पर स्पष्ट निष्कर्ष निकल सकेगा।
शिकायत के बाद पहुंचा अमला, लेकिन नोटिस लेने वाला नहीं मिला
मामले की शिकायतें सामने आने के बाद नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। अमला निर्माणकर्ता या मकान मालिक को नोटिस देने गया था, लेकिन मौके पर कोई भी उसे स्वीकार करने के लिए उपलब्ध नहीं हुआ। ऐसे में कार्रवाई की प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ेगी, यह महत्वपूर्ण सवाल बन गया है। नागरिकों का कहना है कि केवल नोटिस जारी करने या मौके पर पहुंचने से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रशासन को निर्माण की अनुमति, स्वीकृत नक्शे और मौके पर चल रहे काम की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
खुदाई से आसपास की इमारतों की सुरक्षा पर भी चिंता
तंग क्षेत्र में गहरी खुदाई, सरियों के जाल और पिलर खड़े किए जाने से आसपास के भवनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। नागरिकों की आशंका है कि यदि खुदाई निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हुई, तो आसपास की इमारतों की नींव प्रभावित हो सकती है। इस आशंका की पुष्टि के लिए तकनीकी निरीक्षण जरूरी है। नगर पालिका को निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था और खुदाई की गहराई की जांच कर संभावित जोखिमों का आकलन करना चाहिए, ताकि किसी दुर्घटना की नौबत न आए।
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सीएमओ बोले- काम रुकवाया जा रहा है
नगर पालिका सीएमओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और लोगों ने भी शिकायत की है। बेसमेंट निर्माण की कोई अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि कार्य रुकवाया जा रहा है। अब देखना होगा कि नगर पालिका मौके पर प्रभावी कार्रवाई कर निर्माण की स्थिति स्पष्ट करती है या मामला केवल आश्वासन तक सीमित रह जाता है।
नागरिकों की मांग-जांच हो, नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका मौके की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराए, स्वीकृत नक्शे और निर्माण की वास्तविक स्थिति का मिलान करे तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करे। साथ ही, जांच पूरी होने तक आवश्यकतानुसार निर्माण रोकने और आसपास के भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। अब निगाहें नगर पालिका की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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