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सागर: जनसुनवाई में युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, जमीन की नपती नहीं होने से था परेशान

सागर में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और बार-बार आवेदन देने के बावजूद जमीन की नपती नहीं होने से परेशान एक युवक ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में खुद पर पेट्रोल डाल लिया। युवक अपनी पट्टे की जमीन की नपती कराने की मांग लेकर पहुंचा था। अचानक हुई इस घटना से कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे रोका और समझाया।
सागर जनसुनवाई में युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल

सागर। युवक की पहचान बाघराज वार्ड निवासी नीलेश चौबे के रूप में हुई है, जो कनेरादेव में अपनी पट्टे की जमीन की नपती नहीं होने से परेशान है। उसका कहना है कि जमीन पर कथित अवैध कब्जे के कारण वह मकान नहीं बना पा रहा है और परिवार के साथ किराए के कमरे में रहने को मजबूर है। कई बार आवेदन देने और कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से वह निराश हो गया था। घटना के बाद अधिकारियों ने कहा कि मामले की जानकारी लेने और तथ्यों की जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

जमीन पर कथित कब्जे के कारण मकान नहीं बना पा रहा युवक

नीलेश चौबे का कहना है कि कनेरादेव में उसकी पट्टे की जमीन है, लेकिन कई बार आवेदन देने के बावजूद अब तक जमीन की नपती नहीं कराई गई है। जमीन पर कथित अवैध कब्जे की स्थिति के कारण वह मकान भी नहीं बना पा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए वह लगातार संबंधित कार्यालयों में आवेदन दे रहा है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने से उसकी परेशानी बढ़ती जा रही है।

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किराए के कमरे में परिवार के साथ रहने की मजबूरी

नीलेश चौबे के मुताबिक, वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ बाघराज वार्ड की मल्टी में किराए के कमरे में रह रहा है। जमीन की नपती नहीं होने के कारण मकान निर्माण का काम अटका हुआ है और उसे परिवार के भविष्य की चिंता सता रही है। उसे डर है कि अगर किराए का कमरा खाली करना पड़ा तो वह अपने परिवार को लेकर कहां जाएगा। इसी परेशानी के चलते वह मंगलवार को अपनी गुहार लेकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचा था।

बोला- आवेदन देते-देते परेशान हो गया हूं

घटना के दौरान युवक ने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए कहा कि वह बार-बार आवेदन देने और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से थक चुका है। उसने निराशा में कहा कि ऐसे जीने से तो मरना अच्छा है। युवक ने यह भी कहा कि यदि उसकी मौत हो जाती है तो परिवार को कम से कम चार लाख रुपये का मुआवजा मिल जाएगा। हालांकि, मुआवजे को लेकर युवक द्वारा कही गई राशि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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जांच के बाद ही कुछ कह सकेंगे अधिकारी

घटना के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि मामले की जानकारी लेने और तथ्यों की जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। युवक की मुख्य मांग पट्टे की जमीन की नपती कराने की है। अब देखना होगा कि उसकी शिकायत पर संबंधित विभाग कितनी जल्दी कार्रवाई करता है। जनसुनवाई में हुई इस घटना ने एक बार फिर जमीन संबंधी शिकायतों के निराकरण और आवेदकों को समय पर राहत मिलने के सवाल को सामने ला दिया है।

अनिल दुबे
By अनिल दुबे

लेखक के बारे में अनिल दुबे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। डॉ सर हरीसिंह गौर केंदीय ...

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