जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र को दिया जवाब : बोले- भारत में चुनाव की चिंता न करे UN, केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कहा था- वोटिंग निष्पक्ष हो

नई दिल्ली। भारत में होने वाले चुनावों को लेकर संयुक्त राष्ट्र की ओर से की गई टिप्पणी पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। केरल के तिरुवनंतपुरम में लोकसभा चुनाव के लिए अपने मंत्रिमंडल सहयोगी और भाजपा उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर के लिए प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि, भारत में निष्पक्ष चुनाव को लेकर UN को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि, वैश्विक निकाय को यह बताने की जरूरत नहीं है कि देश में चुनाव ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष’ होने चाहिए।
29 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर भारत में बने सियासी माहौल पर उनसे सवाल किया गया। इसके जवाब में UN जनरल सेक्रेटरी के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा था की, हमें उम्मीद है कि भारत में हर किसी के अधिकारों की रक्षा की जाएगी, जिनमें राजनीतिक और नागरिक अधिकार शामिल हैं।
UN ने क्या कहा था
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मनी और अमेरिकी के बाद यूएन की भी टिप्पणी सामने आई थी। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव स्टीफन दुजारिक ने कहा था कि, “हम उम्मीद करते हैं कि भारत में सभी के अधिकारों की रक्षा की जाएगी। भारत में चुनाव होने जा रहे है, ऐसे में सभी नागरिकों को निष्पक्ष माहौल में वोट डालने का मौका मिलना चाहिए।
29 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर भारत में बने सियासी माहौल पर उनसे सवाल किया गया। इसके जवाब में UN जनरल सेक्रेटरी के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा था की, हमें उम्मीद है कि भारत में हर किसी के अधिकारों की रक्षा की जाएगी, जिनमें राजनीतिक और नागरिक अधिकार शामिल हैं।
अमेरिका की टिप्पणी
अमेरिका ने पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर और बाद में कांग्रेस पार्टी के फ्रीज बैंक अकाउंट को लेकर अपनी राय व्यक्त की। केजरीवाल की गिरफ्तारी मामले में अमेरिका ने बयान दिया था, हम अपने स्टैंड पर कायम हैं और इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और कांग्रेस के बैंक खातों को सीज करने के मामलों पर अमेरिका करीबी नजर रखे हुए है। हम उम्मीद करते हैं कि मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और समय पर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
भारत ने अमेरिकी डिप्लोमैट को किया था तलब
बुधवार यानी 27 मार्च को ही इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी डिप्लोमैट ग्लोरिया बारबेना को तलब किया था। उनके बीच करीब 40 मिनट तक बैठक हुई थी। इससे जुड़े एक सवाल पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा- मैं कूटनीतिक बातचीत की जानकारी नहीं दे सकता। दरअसल, अमेरिका मंगलवार (26 मार्च) की रात को भी सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के मामले में बयानबाजी कर चुका है। उन्होंने कहा था कि, केजरीवाल की गिरफ्तारी के मामले पर हमारी सरकार नजर बनाए हुए है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस दौरान कानून और लोकतंत्र के मूल्यों का पालन किया जाना चाहिए। अमेरिका की टिप्पणी के बाद भारत ने बुधवार को इस मुद्दे को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।अमेरिका और जर्मनी के बयान पर भारत दे चुका है कररा जबाव
यह बयान UN का उस वक्त आया है, जब भारत पहले ही अमेरिका और जर्मनी के केजरीवाल पर दिए गए बयानों को लेकर आपत्ति जता चुका है। गुरुवार की शाम यानी 28 मार्च को भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, “भारत अपने देश की न्यायिक व्यवस्था में किसी की भी दखलंदाजी को बर्दाश्त नहीं करेगा। हमें अपनी कानूनी व्यवस्था पर गर्व है।”जर्मनी ने क्या कहा था ?
इससे पहले 23 मार्च को इस मामले में जर्मनी का बयान भी सामने आया था। जर्मनी ने कहा था- ‘भारत एक लोकतांत्रिक देश है, हमें उम्मीद है कि यहां न्यायालय आजाद है। केजरीवाल के मामले में भी लोकतंत्र के उसूलों का पालन किया जाएगा, उन्हें बिना रुकावट कानूनी मदद मिलेगी। आरोपों का सामना करने वाले किसी भी व्यक्ति की तरह केजरीवाल भी निष्पक्ष सुनवाई के हकदार हैं। जब तक दोष साबित न हो तब तक किसी भी शख्स को निर्दोष मानने के कानूनी सिद्धांत का पालन होना चाहिए।’ जर्मनी के बयान के बाद भारत ने जर्मन दूतावास के उप प्रमुख जॉर्ज एन्जवीलर को तलब करके नाराज़गी जताई थी। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि, भारत के आतंरिक मामलों में दखलंदाजी न करें। हम इस तरह के बयानों को हमारी न्यायिक प्रक्रिया में दखल मानते हैं। इस तरह के बयान को हम हमारी न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने के रूप में देखते हैं। भारत एक ताकतवर लोकतंत्र है, जहां कानून का पालन होता है। इस मामले (केजरीवाल की गिरफ्तारी) में भी दूसरे मामलों की तरह कानून के तहत कार्रवाई होगी।




















