Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

पहली बार : प्रदेश में हर 50 से 100 किमी पर कमर्शियल एयरपोर्ट बनाने की तैयारी

तहसीलों में हेलिपेड बनेंगे, निवेशकों को मिलेगी छूट
Follow on Google News
पहली बार : प्रदेश में हर 50 से 100 किमी पर कमर्शियल एयरपोर्ट बनाने की तैयारी

अशोक गौतम-भोपाल। प्रदेश का विमानन विभाग अपनी एविएशन पॉलिसी- 2025 तैयार कर रहा है। इस तरह की मप्र की यह पहली पॉलिसी होगी। विभाग ने इसका ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया है। इसमें प्रदेश के हर 50 से 100 किमी के क्षेत्र में एक व्यावसायिक एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। इस पॉलिसी को फरवरी में होने वाले इनवेस्टर समिट-2025 से पहले लॉन्च करने की संभावना है। नई पॉलिसी पर जल्द ही मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के समक्ष प्रजेंटेशन दिया जाएगा।

उप्र, महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई राज्यों की अपनी एविएशन पॉलिसी है। अब मप्र सरकार भी पॉलिसी के लिए ड्रॉफ्ट तैयार किया है। पॉलिसी लागू होने से निवेशकों के तमाम छूट देने के संबंध में विभाग अपने स्तर पर कई निर्णय ले सकेगा। विमान से जुड़े उपकरण, फ्लाइंग स्कूल में निवेश कर कारोबारी छूट ले सकेंगे।

शिवपुरी में एयरपोर्ट बनाने अनुबंध

  • इनवेस्टर समिट- 2025 से पहले लॉन्च होने की संभावना
  • प्रदेश में फिलहाल 6 एयरपोर्ट हैं और 31 जिलों में हवाई पट्टी
  • एक एयरपोर्ट के लिए कम से 102 हेक्टेयर जमीन चाहिए होती है

प्रदेश में फिलहाल 6 एयरपोर्ट हैं और 31 जिलों में हवाई पट्टी भी हैें। धार्मिक पर्यटन और बड़े शहरों में यात्रियों की सुविधा के लिए पीएमश्री हवाई सेवा भी इस समय कुछ शहरों में संचालित की जा रही है। प्रदेश में कुछ हवाई पट्टियां निजी भी हैं, जैसे दमोह में डायमंड सीमेंट, शहडोल में ओरिएंट पेपर मिल और नागदा में ग्रेसिम हवाई पट्टियां निजी हैं।

भोपाल में फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल

सरकार शुरुआती दौर पर एक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल बनाएगी। गरीब बच्चों और आदिवासी बच्चों को कम फीस में फ्लाइंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। भोपाल, सागर, गुना और नीमच में निजी फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर चल रहे हैं। वर्तमान में जो निजी स्कूल और इंस्टीट्यूट हैं, वहां 40 लाख रुपए से 70 लाख रुपए तक फीस ली जाती है। पायलट की डिग्री के लिए 90 घंटे की फ्लाइंग ट्रेनिंग लेना जरूरी है।

बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर

प्रदेश में हवाई यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया है। इसके लिए हवाई पट्टियां बढ़ाई जाएंगी। जिला स्तर पर हवाई पट्टी और तहसील स्तर पर हेलीपेड बनाए जाएंगे। वहीं प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या पांच से सात गुना बढ़ाई जाएगी। प्रदेश में हर 50 से 100 किमी की दूरी पर एक कमर्शियल एयरपोर्ट का निर्माण होगा। रीवा जैसे अन्य सभी जिलों में एयरपोर्ट बनाए जाने का प्रस्ताव है। दतिया में एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। शिवपुरी में एयरपोर्ट बनाने के लिए निजी कंपनी से अनुबंध हो चुका है। नीमच, मंडला, शहडोल और छिंदवाड़ा जिले में एयरपोर्ट का निर्माण प्रस्तावित है।

नीति हो रही तैयार

विमान नीति-2025 तैयार की जा रही है। इससे जुडे निवेश को भी इसमें शामिल किया गया है, जिससे लोगों को रोजगार भी मिले। नीति में इस बात को शामिल किया गया है कि एक एयरपोर्ट से दूसरे एयरपोर्ट की दूरी कितनी हो जिससे कच्चामाल, जनता, पर्यटक, कारोबारी को समग्र रूप से इसका लाभ मिले। एयरपोर्ट बनाने की फेजिंग की जाएगी । - संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव, विमानन विभाग मप्र

People's Reporter
By People's Reporter

Latest Posts