फीफा वर्ल्ड कप में पैसों की होगी बारिश:8 हजार करोड़ से ज्यादा की प्राइज मनी, विजेता को कितने करोड़ मिलेंगे?

फीफा ने इस बार कुल 871 मिलियन डॉलर यानी करीब 8,218 करोड़ रुपए की इनामी राशि तय की है। विजेता से लेकर ग्रुप चरण में बाहर होने वाली टीम तक, सभी को आर्थिक सहायता और प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार मिलेगा। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में होने वाला यह टूर्नामेंट कई नए रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रहा है। दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें अब इस ऐतिहासिक आयोजन पर टिकी हैं।
इस बार रखी गई रिकॉर्ड प्राइज मनी
फीफा ने वर्ल्ड कप 2026 के लिए कुल 871 मिलियन डॉलर यानी करीब 8,218 करोड़ रुपए की प्राइज़ मनी तय की है, जो अब तक की सबसे बड़ी इनामी राशि है। शुरुआत में यह राशि 727 मिलियन डॉलर घोषित की गई थी, लेकिन अप्रैल में तैयारी और भागीदारी के लिए अतिरिक्त राशि जोड़ने के बाद इसे बढ़ाकर 871 मिलियन डॉलर कर दिया गया। इससे पहले 2022 कतर वर्ल्ड कप की तुलना में यह इनामी राशि काफी ज्यादा है।
प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा करोड़ों का इनाम
इस बार विजेता टीम को 51 मिलियन डॉलर यानी करीब 481 करोड़ रुपए मिलेंगे। रनर-अप को 34 मिलियन डॉलर, तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 30 मिलियन डॉलर और चौथे स्थान की टीम को 28 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे। वहीं, पांचवें से आठवें, नौवें से सोलहवें, सत्रहवें से बत्तीसवें और तैंतीसवें से अड़तालीसवें स्थान तक की टीमों के लिए भी अलग-अलग पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।
हर टीम को मिलेगी आर्थिक सहायता
फीफा ने प्रदर्शन से अलग हर टीम के लिए आर्थिक सहायता का भी प्रावधान किया है। प्रत्येक टीम को 2.5 मिलियन डॉलर तैयारी के लिए और 16 मिलियन डॉलर टीम कॉन्ट्रिब्यूशन के रूप में दिए जाएंगे। इसके साथ ही क्वालिफिकेशन फीस को जोड़कर हर टीम को कम से कम 12.5 मिलियन डॉलर की राशि सुनिश्चित होगी। इसका उद्देश्य टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी टीमों के खर्च का बोझ कम करना है।
तीन देशों की संयुक्त मेजबानी बनी खास
बता दें कि 11 जून से 19 जुलाई तक होने वाला फीफा वर्ल्ड कप 2026 पहली बार तीन देशों की संयुक्त मेजबानी में आयोजित किया जा रहा है। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा मिलकर इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। तीनों देशों के 16 शहरों में कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे। इसी के साथ मेक्सिको वर्ल्ड कप की तीन बार मेजबानी करने वाला दुनिया का पहला देश भी बन गया है।
48 टीमों के साथ बदला टूर्नामेंट का प्रारूप
फुटबॉल विश्व कप के इतिहास में पहली बार 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इससे पहले लगातार सात संस्करणों में केवल 32 टीमों के बीच मुकाबले होते थे। नए प्रारूप के कारण 16 और देशों को विश्व कप खेलने का अवसर मिला है। मुकाबलों की संख्या भी 64 से बढ़कर 104 हो गई है, जिससे टूर्नामेंट पहले से कहीं अधिक बड़ा और रोमांचक हो गया है।
ये भी पढ़ें: CG NEWS: छत्तीसगढ़ में MBBS-BDS एडमिशन का पुराना सिस्टम बरकरार! इस साल भी नहीं होगी कॉमन काउंसलिंग।
चार देशों का डेब्यू, छह अरब दर्शकों की उम्मीद
वर्ल्ड कप के 23वें संस्करण में केप वर्डे, कुरासाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान पहली बार विश्व कप में खेलते नजर आएंगे। फीफा का अनुमान है कि इस बार कम से कम छह अरब दर्शक दुनिया भर में इन मुकाबलों का आनंद लेंगे। यह संख्या 2022 कतर वर्ल्ड कप से करीब एक अरब अधिक मानी जा रही है। ऐसे में यह आयोजन खेल, दर्शकों और वैश्विक लोकप्रियता के कई नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकता है।












