हरियाणा के फरीदाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों की भावनाओं को झकझोर दिया है। शहर के सीकरी इलाके में स्थित एक बैंक्वेट हॉल में छत्रपति शिवाजी महाराज और रानी पद्मिनी की तस्वीरें वॉशरूम के बाहर लगाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जैसे ही यह वीडियो लोगों तक पहुंचा, विरोध की आवाजें उठने लगीं। शिवाजी महाराज के भक्तों और इतिहास प्रेमियों ने इसे अपमानजनक बताया है।
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बताया जा रहा है कि सीकरी स्थित मिलन बैंक्वेट हॉल के पुरुष वॉशरूम के दरवाजे पर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर लगाई गई थी। वहीं महिलाओं के वॉशरूम के गेट पर रानी पद्मिनी (पद्मावती) की तस्वीर टांगी गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि इन ऐतिहासिक हस्तियों की तस्वीरें वॉशरूम के प्रवेश द्वार पर लगी हुई थीं। लोगों का कहना है कि यह न सिर्फ असंवेदनशील कदम है, बल्कि देश के वीरों और महान हस्तियों का अपमान भी है।
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जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, देशभर में इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई लोगों ने इसे जानबूझकर किया गया कदम बताया, तो कुछ ने इसे गंभीर लापरवाही कहा। कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने भी इस मुद्दे को उठाया और वॉशरूम का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उनके पोस्ट के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
मामले को लेकर हरियाणा सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे मूलचंद शर्मा का भी बयान सामने आया है। उनका कहना है कि जब उन्हें इस बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने मौके पर जाकर जांच की। जांच के दौरान पता चला कि संबंधित तस्वीरें वहां से हटा दी गई हैं। हालांकि, यह तस्वीरें किसने और किस उद्देश्य से लगाई थीं, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
विवाद बढ़ने के बाद बैंक्वेट हॉल के वॉशरूम के बाहर से दोनों ऐतिहासिक हस्तियों की तस्वीरें हटा दी गई हैं। उनकी जगह अब घोड़ों की तस्वीरें लगा दी गई हैं। बताया जा रहा है कि इस बैंक्वेट हॉल के मालिक नवीन वशिष्ठ और प्रदीप वशिष्ठ हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
अब यह मामला सिर्फ एक बैंक्वेट हॉल तक सीमित नहीं रह गया है। यह मुद्दा राष्ट्रीय सम्मान और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ गया है। लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं- क्या यह सिर्फ सजावट में की गई एक बड़ी गलती थी? क्या किसी ने बिना सोचे-समझे तस्वीरों का इस्तेमाल कर लिया? या फिर यह जानबूझकर उठाया गया कदम था?
जब तक प्रशासन की जांच पूरी नहीं होती, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी। लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने लोगों की भावनाओं को आहत किया है। अगर प्रशासन जल्द और स्पष्ट कार्रवाई नहीं करता, तो यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजर जांच पर टिकी है। लोग चाहते हैं कि दोषी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।