भोपाल। लाड़ली बहना योजना ने मप्र में खासी लोकप्रिय है। इसके बाद कई अन्य प्रदेशों में इस योजना को अलग-अलग नाम से शुरू किया गया। विधानसभा चुनाव में भी इस योजना के कारण भाजपा को खासा समर्थन मिला। लेकिन अब बीते दो सालों से यह सवाल महिलाओं के बीच तैरता है कि आखिर लाड़ली बहना योजना में नए फॉर्म कब भरे जाएंगे। सोमवार को यही मुद्दा गूंज बनकर मध्य प्रदेश विधानसभा में सुनाई दिया, जहां विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए विरोध में वॉकआउट तक किया।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि नए रजिस्ट्रेशन आखिर कब शुरू होंगे। उनका कहना था कि लंबे समय से आवेदन बंद होने के कारण 18 वर्ष की आयु पार कर चुकी अनेक महिलाएं योजना का लाभ नहीं ले पा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को योजना से बाहर किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने चुनाव पूर्व किए गए उस वादे की भी याद दिलाई, जिसमें योजना की राशि 3000 रुपये तक बढ़ाने की घोषणा की गई थी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने सदन में स्पष्ट किया कि योजना की शुरुआत से अब तक 1,31,06,525 महिलाओं ने पंजीयन कराया था, जिनमें से फिलहाल 1,25,29,051 महिलाएं लाभ प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने बताया कि आवेदनों की विस्तृत जांच के बाद ही लाभ दिया जाता है और फिलहाल नए रजिस्ट्रेशन शुरू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है।
मंत्री ने यह भी कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को अन्य पेंशन योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पर असहमति जताते हुए नई पात्र महिलाओं के लिए जल्द पंजीयन खोलने की तारीख घोषित करने की मांग दोहराई। विपक्ष का कहना है कि जब तक नए आवेदन शुरू नहीं होते, तब तक योजना का दायरा अधूरा ही रहेगा।