PlayBreaking News

बेड के नीचे छिपी थी मौत की फैक्ट्री:मास्टरमाइंड फरार, मेरठ में अवैध हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़

मेरठ के एक सामान्य दिखने वाले घर के अंदर छिपे तहखाने में अवैध हथियारों की फैक्ट्री का खुलासा हुआ है, जहां चुपचाप पिस्टल बनाई और सप्लाई की जा रही थीं। पुलिस की छापेमारी में कई आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जबकि गिरोह का सरगना अभी फरार है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
Follow on Google News
मास्टरमाइंड फरार, मेरठ में अवैध हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़
UP (MEERUT)

उत्तर प्रदेश। मेरठ में पुलिस ने एक ऐसे अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। एक साधारण से दिखने वाले घर के अंदर बेडरूम में डबल बेड के नीचे बने गुप्त तहखाने में पिस्टल बनाने की फैक्ट्री चलाई जा रही थी। यहां तैयार किए गए हथियार अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी में पुलिस ने कई हथियार, मशीनें और गोला-बारूद बरामद किया है। इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

गुप्त तहखाने में तैयार होते थे हथियार

जब पुलिस अल्लीपुर इलाके में एक मकान पर पहुंची तो बाहर से वह घर बिल्कुल सामान्य नजर आ रहा था। लेकिन अंदर जाकर जब कमरे की तलाशी ली गई तो डबल बेड के नीचे एक छिपा हुआ रास्ता मिला। इसी रास्ते से नीचे बने तहखाने में पहुंचा जाता था, जहां पूरी फैक्ट्री तैयार थी। वहां मशीनें लगी हुई थीं और हथियार बनाने का सारा सामान मौजूद था। मौके से पुलिस ने 11 तैयार पिस्टल, 12 मैगजीन और कई उपकरण बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि यह फैक्ट्री पिछले करीब तीन महीनों से लगातार चल रही थी। यहां पर मांग के अनुसार पिस्टल बनाई जाती थीं और फिर उन्हें सप्लाई कर दिया जाता था।

150 से ज्यादा पिस्टल सप्लाई का खुलासा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस गिरोह ने अब तक 150 से ज्यादा अवैध पिस्टलों की सप्लाई कर दी है। ये हथियार अलग अलग अपराधियों तक पहुंचाए गए थे। अब पुलिस इन हथियारों के खरीदारों की पहचान करने में जुटी हुई है, ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके। इस मामले ने यह भी दिखा दिया है कि अवैध हथियारों का कारोबार किस तरह गुप्त तरीके से चलाया जा रहा था। एक साधारण घर के अंदर इस तरह की फैक्ट्री का चलना अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है।

ये भी पढ़ें: यूपी विधानसभा चुनाव 2027: बीजेपी ने खोले पत्ते, योगी आदित्यनाथ होंगे सीएम चेहरा, नितिन नवीन का बड़ा ऐलान

सरगना फरार, तलाश जारी

पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड रहीमुद्दीन नाम का व्यक्ति है। वह अपने ही घर के तहखाने में इस फैक्ट्री को चला रहा था। उसके साथ कई अन्य लोग भी इस काम में शामिल थे, जो हथियार बनाने और उनकी सप्लाई करने का काम करते थे। छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी रहीमुद्दीन फरार हो गया। उसके साथ करीब 10 अन्य आरोपी भी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने स्थानीय थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी अवैध फैक्ट्री तीन महीने तक चलती रही और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह बात लोगों को हैरान कर रही है। आसपास रहने वाले लोगों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जिससे साफ है कि यह काम बेहद गुप्त तरीके से किया जा रहा था। अब वरिष्ठ अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं इस मामले में लापरवाही तो नहीं हुई। अगर किसी स्तर पर चूक पाई जाती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई भी हो सकती है।

ये भी पढ़ें: UP Police: यूपी पुलिस को मिले 60,244 नए सिपाही, पासिंग आउट परेड की सीएम योगी ने ली सलामी

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts