19,300 रुपए के लिए ऐसा कदम?ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा भाई

क्योंझर। ओडिशा के क्योंझर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे सिस्टम और बैंकिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक आदिवासी व्यक्ति अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। वजह सिर्फ इतनी थी कि उसे अपनी बहन के खाते में जमा 19,300 रुपए निकालने थे।
कौन है यह व्यक्ति और क्या है पूरा मामला?
डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा की बड़ी बहन कालरा मुंडा का बैंक खाता ओडिशा ग्रामीण बैंक की मल्लीपासि शाखा में था। इस खाते में लगभग 19,300 रुपए जमा थे। कालरा मुंडा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो चुकी थी। परिवार की स्थिति पहले से ही बेहद कमजोर थी, कालरा के पति और उनका इकलौता बेटा भी पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे। ऐसे में जीतू ही परिवार का आखिरी सहारा बचा था।
यह भी पढ़ें: जकार्ता में भीषण रेल हादसा... खड़ी ट्रेन से टकराई एक्सप्रेस, 14 की मौत, 84 से ज्यादा घायल
पैसे निकालने की कोशिश
बहन की मृत्यु के बाद जीतू ने जब बैंक से पैसे निकालने की कोशिश की, तो उसे नियमों का हवाला दिया गया। बैंक कर्मचारियों ने साफ कहा कि पैसे निकालने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज चाहिए होंगे, जैसे मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), कानूनी वारिस होने का प्रमाण या अन्य जरूरी कागजात। जीतू के पास इनमें से कोई भी दस्तावेज मौजूद नहीं था। न तो उसे कानूनी प्रक्रिया की पूरी जानकारी थी और न ही इतने संसाधन कि वह आसानी से यह दस्तावेज बनवा सके। जीतू कई बार बैंक गया, लेकिन हर बार उसे वही जवाब मिला दस्तावेज लाओ, तभी पैसा मिलेगा।
कब्र से कंकाल निकालकर बैंक पहुंचा
लगातार बैंक के चक्कर लगाने के बाद जीतू ने ऐसा कदम उठाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उसने अपनी मृत बहन के कब्र से उसके कंकाल को निकाल लिया और उसे बैंक लेकर पहुंच गया। यह घटना क्योंझर जिले के मल्लीपासि इलाके में स्थित ओडिशा ग्रामीण बैंक शाखा के बाहर हुई।
यह भी पढ़ें: बस्तर में नक्सलवाद की टूटी कमर! 25 लाख के इनामी पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने किया सरेंडर, ओडिशा के नक्सली भी शामिल
बैंक परिसर में मचा हड़कंप
जैसे ही जीतू बैंक पहुंचा और कंधे पर कंकाल लेकर अंदर गया, वहां मौजूद लोग दंग रह गए। कुछ लोग डर गए, तो कुछ ने इस दृश्य को देखकर अपना सिर पकड़ लिया। बैंक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, जीतू अपने गांव से करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचा था। उसके कंधे पर उसकी बहन का कंकाल था।











