
लखनऊ। प्रदेश में 60,244 नए सिपाहियों की तैनाती से पुलिस बल को बड़ी मजबूती मिली है। सीएम योगी ने महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था में सुधार का दावा किया। भर्ती प्रक्रिया में 48 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। नई ट्रेनिंग और मॉर्डन हथियारों से पुलिस की क्षमता को और बढ़ाया गया है।
लखनऊ में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ हजारों सिपाहियों ने अपने करियर की शुरुआत की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुली जिप्सी में परेड का निरीक्षण किया और जवानों की सलामी ली। इस दौरान महिला सिपाहियों की भागीदारी केंद्र में रही। मुख्यमंत्री ने कॉन्स्टेबल नेहा यादव को बेस्ट कैडेट का सम्मान दिया। परेड के बाद सभी सिपाही अपने-अपने जिलों में ड्यूटी के लिए रवाना होंगे। इस आयोजन ने पुलिस बल को मजबूती दी है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि नई पीढ़ी की पुलिस पूरी तरह तैयार है।
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सीएम योगी ने बताया कि इस बार सिपाहियों को पुराने थ्री-नॉट-थ्री की जगह इंसास राइफल से ट्रेनिंग दी गई है। इससे उनकी कार्यक्षमता और आत्मविश्वास दोनों में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ उन्होंने कहा कि जहां बेटियां आगे बढ़ रही हैं, वहां सरकार हर संभव सहयोग देगी। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक तकनीकों और परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास कराया गया है। इससे जवान किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम होंगे। सरकार ने प्रशिक्षण व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले आए दिन प्रदेश में दंगे होना आम बात थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि अब यूपी में गुंडा टैक्स और वसूली खत्म हो चुकी हैं। अपराधियों के मन में पुलिस का डर है और कानून का भय है। पुलिस का मनोबल भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा है। महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति जैसे अभियान चलाए गए हैं। इससे जनता का भरोसा पुलिस पर हुआ है।
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बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत अक्टूबर 2023 में हुई थी और इसमें लाखों युवाओं ने हिस्सा लिया। परीक्षा पहले पेपर लीक के कारण रद्द करनी पड़ी, जिसके बाद दोबारा परीक्षा आयोजित हुई। कुल 48 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, पेपर में 150 सवाल पूछे गए थे। लिखित परीक्षा के बाद 1 लाख 74 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया। फरवरी 2025 में फिजिकल टेस्ट आयोजित हुआ और मार्च में रिजल्ट घोषित किया गया। आखिर में 60 हजार 244 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं।