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एथेनॉल ब्लेंडिंग से पेट्रोल हुआ सस्ता!सरकार का दावा- प्रति लीटर ₹30 तक की बचत, E20 पर इंजन को भी नहीं नुकसान

सरकार का दावा है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से पेट्रोल पर प्रति लीटर ₹30 तक की बचत हुई। जानिए E20 पेट्रोल की कीमत, माइलेज पर असर, इंजन सुरक्षा और सरकार की पूरी जानकारी।
सरकार का दावा- प्रति लीटर ₹30 तक की बचत, E20 पर इंजन को भी नहीं नुकसान

देश में पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर सरकार ने बड़ा दावा किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, यदि पेट्रोल में एथेनॉल की ब्लेंडिंग नहीं की जाती, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के दौरान दिल्ली में पेट्रोल की कीमत करीब ₹125 प्रति लीटर हो सकती थी। मंत्रालय का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण की वजह से उपभोक्ताओं को करीब ₹30 प्रति लीटर तक की राहत मिली।

संकट के दौर में कीमतें नियंत्रित रहीं

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव और ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल की कीमतों को लंबे समय तक नियंत्रित रखा गया। सरकार के मुताबिक घरेलू स्तर पर तय कीमतों पर खरीदे गए एथेनॉल को पेट्रोल में मिलाने से ईंधन की लागत कम हुई और इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिला। मंत्रालय ने कहा कि करीब 75 दिनों तक पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए। बाद में मई में कीमतों में ₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।

दिल्ली में E20 पेट्रोल की कीमत

फिलहाल राजधानी दिल्ली में:

  • E20 (91 ऑक्टेन) पेट्रोल: ₹102.12 प्रति लीटर
  • 100 ऑक्टेन पेट्रोल: ₹169 प्रति लीटर

सरकार का कहना है कि यदि एथेनॉल ब्लेंडिंग नहीं होती तो यही कीमतें कहीं अधिक होतीं।

खाद्यान्न के दुरुपयोग के आरोपों को सरकार ने किया खारिज

एथेनॉल उत्पादन को लेकर यह आरोप लगाए जाते रहे हैं कि इसके लिए गरीबों के हिस्से का अनाज इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के सब्सिडी वाले चावल का उपयोग एथेनॉल उत्पादन में नहीं किया जा रहा। खाद्य सुरक्षा से समझौता किए बिना एथेनॉल कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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E20 पेट्रोल से माइलेज पर कितना असर?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ARAI, SIAM और IOC के संयुक्त अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि BS-III, BS-IV और BS-VI मानक वाली E10 के लिए डिजाइन की गई गाड़ियों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर माइलेज में 2% से 6% तक की कमी आ सकती है। इससे पहले सरकार ने राज्यसभा में यह कमी 3% से 5% के बीच बताई थी। हालांकि सरकार का कहना है कि यह कमी वाहन की क्षमता और तकनीक पर निर्भर करती है।

इंजन पर कोई नुकसान नहीं: सरकार

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में बताया कि E20 फ्यूल को लागू करने से पहले इंजन की मजबूती, फ्यूल सिस्टम, मटेरियल कम्पैटिबिलिटी, ड्राइवेबिलिटी, उत्सर्जन जैसे सभी पहलुओं की वैज्ञानिक जांच और परीक्षण किए गए। सरकार के अनुसार 20 करोड़ से अधिक टू-व्हीलर्स और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रही हैं और अब तक इंजन खराब होने का कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है।

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चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई गई ब्लेंडिंग

सरकार का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम को जल्दबाजी में नहीं बल्कि उत्पादन क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के साथ चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। इस दौरान वाहन निर्माता कंपनियों, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) और चीनी व अनाज उद्योग से लगातार परामर्श लिया गया।

Dr. Sumit  Shrivastava
By Dr. Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

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