नशे में वोल्वो बस दौड़ा रहा था ड्राइवर:खजराना पुलिस ने 30 यात्रियों की बचाई जान

इंदौर। सड़क पर दौड़ती एक वोल्वो बस में सवार 30 यात्रियों की जिंदगी उस समय खतरे में पड़ सकती थी, जब बस का चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था। हालांकि, खजराना पुलिस की सतर्कता के चलते संभावित हादसा टल गया। स्टार चौराहे पर चल रही आकस्मिक वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने इंदौर से ग्वालियर जा रही वोल्वो बस को रोककर चालक की जांच की। ब्रीथ एनालाइजर की जांच में चालक के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई।
पुलिस के अनुसार, खजराना थाना क्षेत्र में विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बस क्रमांक MP07 P 8854 स्टार चौराहे से गुजरती दिखाई दी। बस को रोककर पुलिस टीम ने आवश्यक जांच शुरू की। बस में करीब 30 यात्री सवार थे और वह इंदौर से ग्वालियर की ओर जा रही थी।
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चालक के व्यवहार पर हुआ संदेह
बस की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों को चालक के नशे में होने का संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही ब्रीथ एनालाइजर मशीन से चालक की जांच की। जांच में शराब की मात्रा 309.8 mg/100ml दर्ज हुई। चालक की पहचान वीरेंद्र सिंह पिता हरदीप सिंह (29), निवासी वार्ड नंबर 11, श्योपुर के रूप में हुई। इतनी मात्रा में शराब के प्रभाव में बस चलाना यात्रियों के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता था।
बस में बैठे थे 30 यात्री
जिस समय पुलिस ने बस को रोका, उसमें करीब 30 यात्री सवार थे। बस को लंबी दूरी तय कर ग्वालियर जाना था। ऐसे में यदि चालक इसी हालत में बस चलाता रहता तो तेज रफ्तार और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती। पुलिस की समय रहते हुई कार्रवाई से बस को आगे जाने से रोक दिया गया। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ ही सड़क पर किसी संभावित दुर्घटना की आशंका भी टल गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा।
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बस जब्त, चालक पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस
पुलिस ने नशे में बस चलाने के मामले में वाहन को जब्त कर लिया। चालक वीरेंद्र सिंह के खिलाफ धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि शराब पीकर वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे चालक की निर्णय लेने की क्षमता और वाहन पर नियंत्रण प्रभावित हो सकता है। खासकर यात्री बसों के मामले में चालक की जिम्मेदारी और भी अधिक होती है, क्योंकि एक चालक की लापरवाही से एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
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आकस्मिक चेकिंग से सामने आया मामला
पुलिस की ओर से इन दिनों प्रमुख चौराहों और मार्गों पर आकस्मिक वाहन चेकिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर कार्रवाई करना है। स्टार चौराहे पर हुई यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा थी। पुलिस की नियमित और आकस्मिक चेकिंग के कारण नशे में वाहन चलाने वाले चालक की पहचान समय रहते हो गई।
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इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी मनोज सिंह सेंधव, उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह रघुवंशी, प्रधान आरक्षक हरिओम, गजानंद और भागवत तथा आरक्षक पप्पू और आनंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




















