दोपहर में ही डल गया स्कूल पर ताला, दूसरी शाला में नहीं मिला एक भी छात्र; DEO ने प्रधानाध्यापक-प्राचार्य को दिया नोटिस

सीहोर। जिले के शैक्षणिक संस्थानों में व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति की हकीकत जांचने निकली जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री शीलू शर्मा के निरीक्षण में लापरवाही का मामला सामने आया। 27 अगस्त को किए गए निरीक्षण के दौरान एक प्राथमिक शाला निर्धारित समय में बंद मिली, जबकि दूसरी शाला में एक भी विद्यार्थी उपस्थित नहीं था। निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों संस्थानों के जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
दोपहर 2.45 बजे प्राथमिक शाला पर लटका मिला ताला
जिला शिक्षा अधिकारी ने 27 अगस्त को जिले की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान प्राथमिक शाला जाजनखेड़ी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय दोपहर करीब 2.45 बजे शाला बंद पाई गई। स्कूल बंद मिलने को विभाग ने गंभीरता से लिया है, क्योंकि विद्यालय का संचालन और विद्यार्थियों की उपस्थिति शिक्षा व्यवस्था की मूल जिम्मेदारियों में शामिल है।
प्रधानाध्यापक से मांगा गया जवाब
शाला के बंद मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री शीलू शर्मा ने प्राथमिक शाला जाजनखेड़ी के प्रधानाध्यापक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया। नोटिस के माध्यम से स्कूल के बंद पाए जाने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय कार्रवाई की अगली प्रक्रिया संबंधित जवाब और निरीक्षण में सामने आई स्थिति के आधार पर तय की जाएगी।
खजुरियाकला हाई स्कूल में एक भी छात्र नहीं
इसी निरीक्षण क्रम में जिला शिक्षा अधिकारी ने हाई स्कूल खजुरियाकला का भी जायजा लिया। यहां निरीक्षण के समय स्थिति और भी चिंताजनक नजर आई। विद्यालय में एक भी छात्र उपस्थित नहीं पाया गया। इसके साथ ही स्कूल की व्यवस्थाएं भी सुचारु नहीं मिलीं। निरीक्षण में सामने आई कमियों को लेकर शिक्षा विभाग ने विद्यालय प्रबंधन से जवाब मांगने का निर्णय लिया।
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प्राचार्य को भी कारण बताओ नोटिस
हाई स्कूल खजुरियाकला की स्थिति को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और शैक्षणिक गतिविधियों का सुचारु संचालन संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति को इसी जिम्मेदारी के संदर्भ में गंभीरता से लिया गया है।
स्कूलों की निगरानी पर उठे सवाल
जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं, लेकिन औचक निरीक्षण में स्कूल का बंद मिलना और दूसरे विद्यालय में एक भी विद्यार्थी का मौजूद नहीं होना निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की शालाओं में नियमित संचालन और विद्यार्थियों की उपस्थिति पर प्रभावी निगरानी की जरूरत सामने आई है।
लापरवाही मिली तो कार्रवाई की चेतावनी
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और विद्यालयों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कारण बताओ नोटिस इसी जवाबदेही की प्रक्रिया का हिस्सा है।
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अब जवाब पर टिकी विभागीय कार्रवाई
दोनों मामलों में संबंधित प्रधानाध्यापक और प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब उनके जवाब के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई तय करेगा। औचक निरीक्षण के जरिए शिक्षा विभाग ने यह संदेश भी दिया है कि स्कूल संचालन में लापरवाही, विद्यार्थियों की अनुपस्थिति अथवा व्यवस्थाओं की अनदेखी को सामान्य नहीं माना जाएगा। आने वाले दिनों में ऐसे निरीक्षणों से अन्य शैक्षणिक संस्थानों की व्यवस्थाओं की भी जांच होने की संभावना है।




















