Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

जब कलम छोड़ सड़क पर उतरे पत्रकार:रीगल का जाम कराया सुचारु,पुलिस के साथ मिलकर संभाली व्यवस्था

त्योहार की भीड़ में बढ़ा वाहनों का दबाव, पत्रकारों ने सड़क पर उतरकर पुलिस का किया सहयोग; कुछ ही देर में सुचारु हुआ यातायात
जब कलम छोड़ सड़क पर उतरे पत्रकार:रीगल का जाम कराया सुचारु,पुलिस के साथ मिलकर संभाली व्यवस्था

इंदौर। त्योहारों के चलते शहर में इन दिनों वाहनों का दबाव बढ़ गया है। शहर के प्रमुख और व्यस्त चौराहों में शामिल रीगल चौराहे पर भी गुरुवार शाम अचानक वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की स्थिति बन गई। ऐसे समय में यातायात पुलिस के जवानों के साथ कुछ पत्रकारों ने भी मोर्चा संभाल लिया और सड़क पर उतरकर यातायात व्यवस्थित कराने में पुलिस की मदद की।

 

रीगल चौराहा शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है। त्योहारों के दौरान यहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। इसके चलते कई बार यातायात का दबाव इतना बढ़ जाता है कि कुछ ही मिनटों में वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।यातायात पुलिस के जवान दिन-रात शहर की यातायात व्यवस्था संभालने में जुटे रहते हैं। इसके बावजूद लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या के बीच हर चौराहे और हर मार्ग पर यातायात को सुचारु बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। आमतौर पर जाम लगने पर लोग यातायात पुलिस को जिम्मेदार ठहराते नजर आते हैं, लेकिन गुरुवार शाम रीगल चौराहे पर तस्वीर कुछ अलग थी।

जाम लगा तो पत्रकारों ने संभाली कमान

गुरुवार शाम रीगल चौराहे पर अचानक वाहनों का दबाव बढ़ गया और यातायात बाधित होने लगा। मौके पर मौजूद पत्रकार नरेंद्र गोस्वामी, साजिद खान, डगलस, गणेश चौहान, नीरज और राजा खान ने बिना देर किए यातायात पुलिस के जवानों के साथ मोर्चा संभाल लिया।पत्रकारों ने सड़क पर उतरकर वाहन चालकों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ने के लिए कहा और अलग-अलग दिशाओं से आ रहे वाहनों को नियंत्रित करने में पुलिस की मदद की। कुछ ही देर में यातायात सामान्य होने लगा और चौराहे पर वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई।

 

‘पुलिस को कोसना नहीं, सहयोग करना भी हमारी जिम्मेदारी’

इस दौरान पत्रकारों की पहल ने शहरवासियों को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। यातायात व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि वाहन चालकों और आम नागरिकों की भी इसमें अहम भूमिका है। यदि हर नागरिक यातायात नियमों का पालन करने के साथ जरूरत के समय पुलिस का सहयोग करे, तो शहर की यातायात व्यवस्था को काफी बेहतर बनाया जा सकता है।रीगल चौराहे पर पत्रकारों का सड़क पर उतरकर यातायात संभालना इसी जिम्मेदारी की मिसाल बना। उन्होंने न केवल पुलिस का सहयोग किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि हर बार यातायात जाम के लिए पुलिस को दोष देना सही नहीं है। शहर हमारा है और इसकी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी भी हम सभी की है।

नागरिकों को दिया जिम्मेदारी निभाने का संदेश

त्योहारों के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों के दबाव के बीच रीगल चौराहे पर सामने आया यह दृश्य लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा। पत्रकारों ने साबित किया कि शहर की समस्याओं को केवल खबरों के माध्यम से उठाना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर समाधान में अपना योगदान देना भी एक अच्छे नागरिक का कर्तव्य है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

Latest Posts