CG NEWS:ठेकेदार की लापरवाही बनी मौत का गड्ढा! पानी से भरे खड्डे में डूबे तीन मासूम, गांव में मातम

रायपुर /राजनादगांव न्यूज। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के गांधीनगर गांव में बुधवार शाम दर्दनाक हादसे में तीन मासूम आदिवासी बच्चों की पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने रेलवे निर्माण कार्य के बाद छोड़े गए गहरे गड्ढे को हादसे की वजह बताते हुए ठेकेदार की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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गांधीनगर में पसरा मातम
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के बोरतालाव के आश्रित ग्राम गांधीनगर में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
तीनों बच्चे नहीं लौटे घर
ग्रामीणों के अनुसार शाम तक बच्चे घर नहीं पहुंचे तो उनकी तलाश शुरू की गई। काफी खोजबीन के बाद तीनों बच्चों के शव पानी से भरे गड्ढे से निकाले गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ भेज दिया।
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मृत बच्चों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान इस प्रकार हुई—
सार्थक कोकोटे (8 वर्ष), पिता कमलेश कोकोटे
कृष मंडावी (8 वर्ष), पिता राकेश मंडावी
दानेश मंडावी (6 वर्ष), पिता राकेश मंडावी
तीनों बच्चे बोरतालाव के गांधीनगर के निवासी और आदिवासी समाज से थे।
रेलवे निर्माण के गड्ढे पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार ने मिट्टी निकालकर गहरा गड्ढा छोड़ दिया था। बारिश में वही गड्ढा पानी से भर गया। बाहर से सामान्य जलभराव जैसा दिखने के कारण बच्चों को उसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगा और वे उसमें डूब गए। हालांकि, इस संबंध में अभी तक प्रशासन की ओर से ठेकेदार की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था थी या नहीं?
घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि निर्माण कार्य के बाद गहरा गड्ढा छोड़ा गया था तो वहां बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा के अन्य इंतजाम क्यों नहीं किए गए? प्रशासन अब इन सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।
शिक्षकों की हड़ताल का भी जिक्र
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षकों की हड़ताल के कारण बुधवार को बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने की नियमित व्यवस्था नहीं थी। हालांकि, इस घटना का हड़ताल से कोई संबंध है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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प्रशासन ने कार्रवाई का दिया भरोसा
प्रशासन का कहना है कि हादसे की हर पहलू से जांच की जाएगी। यदि जांच में निर्माण एजेंसी या संबंधित लोगों की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












