Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

MP High Court :‘बार-बार आयु सीमा में छूट नहीं दे सकते’, असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती को लेकर दायर याचिका खारिज

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में गेस्ट फैकल्टी को अतिरिक्त आयु सीमा छूट देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि हर नई भर्ती के विज्ञापन में उम्मीदवार अतिरिक्त आयु छूट का कानूनी अधिकार नहीं जता सकते। डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता पहले ही 2017 और 2022 की भर्ती का लाभ ले चुके हैं और 52 वर्ष की आयु होने के बाद उन्हें फिर से आयु में छूट नहीं दी जा सकती।
‘बार-बार आयु सीमा में छूट नहीं दे सकते’, असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती को लेकर दायर याचिका खारिज

जबलपुर। मप्र उच्च न्यायालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक प्राध्यापक) भर्ती प्रक्रिया में गेस्ट फैकल्टी श्रेणी में आयु सीमा की छूट को लेकर दाखिल की गई याचिका खारिज कर दी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कहा है कि भर्ती के बार-बार आ रहे विज्ञापनों में उम्मीदवार हर बार आयु सीमा में अतिरिक्त छूट पाने का कानूनी अधिकार का दावा नहीं कर सकते।

असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर भर्ती पर सवाल

यह याचिका सिवनी के तिघरा में रहने वाले अमिताभ शर्मा की ओर से दाखिल की गई थी। याचिका में 31 दिसंबर 2024 को असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर भर्ती के संबंध में जारी विज्ञापन पर सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ता का दावा था कि वो पूर्व में गेस्ट फैकल्टी (अतिथि विद्वान) के रूप में कार्य कर चुके हैं, इसलिए उन्हें आयु सीमा में और राहत दी जाए ताकि वे इस नई भर्ती परीक्षा में बैठ सकें।

ये भी पढ़ें: OBC Reservation : सामान्य वर्ग का तर्क-बिना किसी तैयारी के सरकार ने बढ़ा दिया ओबीसी आरक्षण

अतिरिक्त अधिवक्ता ने ली आपत्ति

मामले पर हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता नीलेश यादव ने याचिका पर आपत्ति ली। सुनवाई के बाद दिए फैसले में डिवीजन बेंच ने कहा कि विभाग द्वारा साल 2017 में जब लंबे समय बाद भर्ती निकाली गई थी, तब उम्मीदवारों को 40 वर्ष तक की आयु शिथिलता और गेस्ट फैकल्टी को अतिरिक्त लाभ दिए गए थे। इसके बाद याचिकाकर्ता 2022 की भर्ती में भी शामिल हुआ। साल 2024 की तीसरी भर्ती तक याचिकाकर्ता ओवरएज हो चुके थे, जिस पर उन्होंने पहले ही एक याचिका दायर की और अंतरिम आदेश के तहत परीक्षा में वो शामिल हुआ।

अब उम्र हो गई 52 साल

डिवीजन बेंच ने कहा- अब, एक बार फिर नए सिरे से निकाली गई इस भर्ती के वक्त याचिकाकर्ता की उम्र 52 वर्ष हो चुकी है।  यह भर्ती प्रक्रिया का तीसरा दौर है। याचिकाकर्ता पहले ही पिछले दो भर्ती अभियानों में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। अब 52 वर्ष की आयु हो जाने के बाद, गेस्ट फैकल्टी श्रेणी के तहत भी आयु सीमा में और अधिक छूट नहीं दी जा सकती।

ये भी पढ़ें: Supreme Court: 70 साल से ज्यादा उम्र के बीमार कैदियों को मिल सकती है राहत, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को 3 महीने में नीति बनाने का दिया निर्देश

 

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

Latest Posts