उज्जैन। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की लगातार सख्त कार्रवाई के बावजूद भ्रष्टाचार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला उज्जैन जिले के इंगोरिया क्षेत्र का सामने आया है, जहां पदस्थ पशु चिकित्सक मनमोहन सिंह पवैया को गाय का पोस्टमार्टम करने के एवज में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
यह घटना पशु चिकित्सा पेशे के प्रति विश्वास को ठेस पहुंचाने वाली मानी जा रही है। समाचार लिखे जाने तक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जारी थी।
जानकारी के अनुसार, उज्जैन लोकायुक्त पुलिस की टीम ने इंगोरिया में पदस्थ पशु चिकित्सक मनमोहन सिंह पवैया को 9000 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। पशु चिकित्सक ने गाय का पोस्टमार्टम करने के लिए कुल 10,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने 9 हजार रुपए की राशि मौके पर दी, जिसके बाद मनमोहन सिंह पवैया को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। आरोपी को पशु चिकित्सा कार्यालय में ही लोकायुक्त की टीम ने गिरफ्तार किया।
इस पूरे मामले की शुरुआत ग्राम सरसाना, बड़नगर तहसील के रहने वाले एक शख्स की शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त कार्यालय में मामला दर्ज कराते हुए भ्रष्टाचार की जानकारी दी। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने सटीक योजना के तहत कार्रवाई करते हुए मनमोहन सिंह पवैया को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू की गई है।