मंत्री विजय शाह ने लाड़ली बहनों पर दिया अपमानजनक बयान सड़कों पर प्रदर्शन, एमआईजी थाने पहुंचकर FIR की मांग

इंदौर। रतलाम जिले के प्रभारी और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के विवादित बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया है। लाड़ली बहनों को लेकर दिए गए अपमानजनक बयान के विरोध में इंदौर शहर महिला कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री शाह का पोस्टर फूंका, जोरदार नारेबाजी की और सीधे एमआईजी थाने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंत्री विजय शाह को तत्काल मंत्रिमंडल से हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर दी है।
दरअसल, रतलाम में एक बैठक के दौरान मंत्री विजय शाह ने लाड़ली बहनों को लेकर जिस भाषा का इस्तेमाल किया, उसे कांग्रेस ने महिलाओं का खुला अपमान बताया है। शाह ने कहा था कि सरकार 1500 रुपए के हिसाब से करोड़ों रुपए दे रही है, तो दो साल में एक बार धन्यवाद बनता है। जो महिलाएं कार्यक्रम में नहीं आएंगी, “फिर देखते हैं”, उनकी जांच कराई जाएगी, आधार लिंक न होने पर जांच पेंडिंग कर दी जाएगी। यह बयान मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारी के दौरान दिया गया था, जिसमें लाड़ली बहनों को बुलाने की योजना बनाई जा रही थी।
इस बयान से आक्रोशित महिला कांग्रेस ने इसे धमकी भरा और अपमानजनक करार दिया। प्रदेश महासचिव महिला कांग्रेस एवं वार्ड क्रमांक 45 की पार्षद सोनिला मिमरोट भाटिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता एमआईजी थाने पहुंचीं। वहां थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। महिला कांग्रेस का कहना है कि यह बयान न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का भी संकेत देता है।
महिला कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द एफआईआर दर्ज कर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहते हुए उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और जरूरत पड़ी तो न्यायालय की शरण लेने से भी पीछे नहीं हटेगा। संगठन ने कहा कि महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
महिला कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री विजय शाह का महिलाओं के खिलाफ यह पहला विवादित बयान नहीं है। इससे पहले भी वे कर्नल सोफिया को लेकर बयान दे चुके हैं। महिला कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि मंत्री विजय शाह से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जाए, उन्हें तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए और भविष्य में किसी भी मंत्री द्वारा महिलाओं के खिलाफ इस तरह की भाषा इस्तेमाल करने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि लड़ाई अब सड़क से लेकर सदन और अदालत तक जाएगी।












