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Guna News : दिग्विजय सिंह ने खाद वितरण केंद्र का किया निरीक्षण, कहा- भाजपा की नीतियां और सहकारी आंदोलन तबाह करने से खड़ा हुआ खाद संकट

- कांग्रेस सरकार में कभी किसानों को लाठियों के बीच खाद नहीं लेना पड़ी
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Guna News : दिग्विजय सिंह ने खाद वितरण केंद्र का किया निरीक्षण, कहा- भाजपा की नीतियां और सहकारी आंदोलन तबाह करने से खड़ा हुआ खाद संकट
गुना। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शनिवार को नानाखेड़ी स्थित मार्कफेड के डबल लॉक खाद वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कृषि विभाग के उप संचालक और मार्कफेड सहित खाद वितरण व्यवस्था में जुड़े तमाम अधिकारियों से मुखातिब होकर उन्होंने जानकारी ली। चर्चा के दौरान किसानों ने गंभीर शिकायतें कीं। यहां तक कि कृषि विभाग ने अधिकारी ने भी मान लिया कि दिग्विजय सरकार में खाद से संबंधित इतनी परेशानी नहीं आई थी।

हमें हल्के में मत लीजिए : दिग्विजय

दिग्विजय सिंह नानाखेड़ी मंडी पहुंचे, जहां निरीक्षण के दौरान केवल उपसंचालक कृषि विभाग ही मौजूद थे, जबकि वितरण केंद्र के प्रभारी और डिप्टी रजिस्ट्रार को वहां नहीं देखा गया। इस पर दिग्विजय सिंह ने अधिकारियों से सवाल किया, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने कहा, उन्हें हल्के में नहीं लिया जाए, जब वे यहां आए हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों को उपस्थित होना चाहिए। “आपकी जवाबदारी है कि DMO साहब को यहां होना चाहिए।” इस दौरान दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में गहराए खाद संकट के लिए भाजपा की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को उन्होंने नानाखेड़ी मंडी में खाद वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उन्होंने काफी नाराजगी जताई। दिग्गी के मुताबिक भाजपा ने सहकारी आंदोलन को तबाह कर दिया है, जिसकी वजह से खाद का संकट उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने प्रदेशभर में डीएपी की कालाबाजारी और राजनीतिकरण का भी आरोप लगाया है। देखें वीडियो....

बहाने मत बनाओ किसानों को खाद दिलाओ

दिग्विजय सिंह शनिवार को गुना जिले में डीएपी संकट का जायजा लेने पहुंचे थे। उन्होंने एक पत्रकार वार्ता में खाद संकट के कारणों पर अपनी बात रखी। दिग्विजय के मुताबिक साल 2003 तक उनकी सरकार में कभी लाठियों के बीच किसानों को खाद नहीं लेना पड़ी। क्योंकि तब किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से दो महीने पहले ही खाद उपलब्ध करा दिया जाता था। वर्तमान वितरण व्यवस्था गलत है और खाद वितरण के दौरान कालाबाजारी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। डीएपी संकट के लिए प्रदेश सरकार द्वारा यूक्रेन-रूस युद्ध संकट को वजह बताने पर भी दिग्विजय ने चुटकी ली है। उन्होंने कहाकि भाजपा का काम ही बहाने बनाना है। दिग्विजय ने खाद संकट का समाधान बताते हुए प्रदेश सरकार से कहा है कि सोसायटी के माध्यम से ही खाद उपलब्ध कराया जाए। जिन किसानों पर कोई बकाया नहीं है, उनकी राशि का भुगतान बैंक खातों के माध्यम से ही करने की व्यवस्था कराएं।

1300 की खाद 1900 में क्यों लेना पड़ रही?

दिग्विजय ने आरोप लगाया कि जिन 25 प्रतिशत व्यापारियों को बेचने के लिए खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। खाद निर्माता कम्पनियां उनपर अपने अन्य उत्पाद बेचने का दबाव बना रही हैं। यही वजह है कि 1350 रुपए में मिलने वाला डीएपी का कट्टा लेने पर किसानों को 1900 रुपए तक सामान लेना पड़ता है। किसानों पर दबाव बनाने में सरकार का भी हाथ है।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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