पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बोले-महत्वपूर्ण नियुक्तियों में पहुंचाया जा रहा संघ से जुड़े लोगों को फायदा

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी उज्जैन से अयोध्या तक की सत्य, सनातन, स्वाभिमान यात्रा को लेकर बुधवार को जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि उन्होंने यह तय कर रखा है कि भाजपा के अलावा देश में किसी दूसरी पार्टी की सरकार नहीं बन सकती। दिग्विजय ने आरोप लगाया कि शिक्षा सहित विभिन्न संस्थानों में संघ से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दिए जाने की कोशिश हो रही है।
शिक्षा संस्थानों में नियुक्तियों पर सवाल
दिग्विजय सिंह ने विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में वाइस चांसलर, प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस से जुड़े लोगों को इन पदों पर लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे आरएसएस की विचारधारा का शुरुआत से विरोध करते रहे हैं और संस्थाओं में कथित हस्तक्षेप को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।
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प्रदीप जोशी और भर्ती प्रक्रिया का मामला उठाया
दिग्विजय ने यूपीएससी के पूर्व सदस्य और एनटीए के चेयरमैन रहे प्रदीप जोशी का उदाहरण देते हुए उनकी नियुक्तियों और जिम्मेदारियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में 80 से अधिक अयोग्य नियुक्तियां हुईं, बाद में उन्हें निरस्त किया गया। दिग्विजय के मुताबिक, जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद इन नियुक्तियों को रद्द किया गया। उन्होंने NEET पेपर लीक मामले में भी एनटीए के तत्कालीन चेयरमैन की भूमिका पर सवाल खड़े किए।
महाकाल से अयोध्या तक 1800 किमी पदयात्रा
दिग्विजय सिंह ने उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या तक करीब 1800 किलोमीटर की पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। इसे ‘सत्य, सनातन, स्वाभिमान यात्रा’ नाम दिया गया है। यात्रा का करीब आधा हिस्सा मध्यप्रदेश और आधा उत्तरप्रदेश में होगा। दिग्विजय रोज लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलेंगे। उन्होंने कहा कि यह निजी राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, नागरिक अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जनजागृति का प्रयास है। यात्रा में राष्ट्रीय ध्वज के साथ धर्म ध्वज भी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी विचारधारा से जुड़े व्यक्ति को यात्रा में शामिल होने से नहीं रोका जाएगा और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा।
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यह भी बोले दिग्विजय
- आरएसएस वाले सभी मठों और मंदिरों पर कब्जा करना चाहते हैं।
- कोविड काल में आरएसएस के ट्विटर हैंडल पर सात करोड़ रुपए की सहायता का उल्लेख देखा था।
- तब तत्कालीन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर पूछा था कि संस्था के पास यह राशि कहां से आई, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला।
- भाजपा सीजनल बात करती है, क्योंकि चुनाव आता है तभी राम भगवान मुद्दा बन जाते हैं।
- राम मंदिर आंदोलन के दौरान जुटाए गए चंदे की जांच भी जाए। मंदिर के लिए जुटाई गई राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए।
- राष्ट्रपति को डिजिटल याचिका भेजेंगे इसमें निष्पक्ष चुनाव, मतदाता अधिकार और ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने जैसे मुद्दे शामिल होंगे।



















