राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस : पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा-अयोध्या कोर्ट में मुकदमा दायर करूंगा

भोपाल। महिला कांग्रेस के सामूहिक उपवास और सद्बुद्धि यज्ञ कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपए का चंदा दिया था। उन्होंने कहा कि वे अब अयोध्या की कोर्ट में केस दायर करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अपने दिल्ली जाकर अपने वकील से बातचीत करूंगा उसके बाद 5 या 6 तारीख को अयोध्या जाकर मुकदमा दायर करूंगा।
राम के नाम पर मिले चंदे की जांच हो
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धालुओं से जुटाए गए चंदे की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम पर देशभर के लोगों ने आस्था के साथ दान दिया था, इसलिए उस राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अदालत में वित्तीय अनियमितता साबित होती है, तो वे अपना दिया हुआ चंदा वापस लेकर किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक पीठ या शंकराचार्य के न्यास को समर्पित करेंगे।

मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला
दिग्विजय सिंह ने कहा कि 'मैं सनातन धर्म का पालन करने वाले व्यक्ति हूं।' उन्होंने कहा कि वे नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं, एकादशी का व्रत रखते हैं और नर्मदा परिक्रमा भी कर चुके हैं। उनका कहना था कि राजनीतिक कारणों से उनकी धार्मिक आस्था पर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं, जबकि उनका जीवन धार्मिक परंपराओं से जुड़ा रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर RSS का पहला बयान: दोषियों को मिले कड़ी सजा-दत्तात्रेह होसबोले
संघ, विहिप और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) की आर्थिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि धार्मिक चंदे और गुरुदक्षिणा के उपयोग का पूरा विवरण सार्वजनिक होना चाहिए। उन्होंने उनकी सरकार के दौरान महाकालेश्वर मंदिर की जमीन लेने के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस जमीन का भी दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने चंपत राय के संघ से जुड़ने और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ने तक के बारे में बताया।
VIP दर्शन रैकेट! राम मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर 25 हजार तक वसूली का खुलासा, SIT जांच तेज
'चंदा चोरों का प्रवेश निषिद्ध' की तख्ती लगाने का ऐलान
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपने घर के बाहर एक तख्ती लगाएंगे, जिस पर लिखा होगा -'मेरे घर में चंदा चोरों का प्रवेश निषिद्ध है।' उन्होंने लोगों से भी धार्मिक संस्थाओं और चंदे के उपयोग में पारदर्शिता की मांग करने की अपील की। उन्होंने अपील की कि मंदिरों के बाहर बैनर लगाएं जिस पर लिखा हो 'चंदा चोरों से सावधान।'












