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तुगलकी फरमान जारी: धमतरी में पेड़ काटने पर परिवार का हुक्कापानी बंद, पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सामाजिक बहिष्कार का एक मामला सामने आया है, जहां गांव के कुछ लोगों ने एक परिवार का हुक्कापानी बंद कर दिया। आरोप है कि-पेड़ काटने के विवाद के बाद दबंगों ने यह फैसला लिया, जिससे पीड़ित परिवार को जरूरतों का सामान के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धमतरी में पेड़ काटने पर परिवार का हुक्कापानी बंद, पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    धमतरी जिले के सिवनी खुर्द गांव में पेड़ काटने के विवाद के बाद एक परिवार के लिए तुगलकी फरमान जारी किया गया है। जब पीड़ित परिवार जुर्माना नहीं दे पाया तो उनका हुक्कापानी बंद कर दिया। फिलहाल परिवार ने अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

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    सूखा बरगद का पेड़ काटने पर विवाद

    मामला धमतरी जिले के सिवनी खुर्द गांव का है। पीड़ित ईश्वर पटेल ने बताया कि-उनकी जमीन पर एक पुराना बरगद का पेड़ था, जो पूरी तरह सूख चुका था। पेड़ के ऊपर से हाई टेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी जिसमें मधुमक्खियों ने छत्ता बना लिया था। जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों को खतरा बना रहता था। किसी हादसे से बचने के लिए उन्होंने पेड़ को कटवा दिया, जिसके बाद गांव के कुछ लोग नाराज हो गए।

    बैठक में लगाया गया जुर्माना

    पीड़ित के अनुसार, इस मामले को लेकर गांव में दबंग परिवार की ओर से बैठक बुलाई गई। बैठक में कहा गया कि-जिस पेड़ को काटा गया उसमें देवी-देवताओं का वास था और उसे काटने से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसके बाद ईश्वर पटेल पर 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आरोप है कि-जुर्माना नहीं देने पर गांव के लोगों ने उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया।

    तुगलकी फरमान किया गया जारी

    पीड़ित परिवार का कहना है कि-हुक्कापानी बंद होने की वजह से गांव के लोग बातचीत तक नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि  दुकानदार भी सामान देने से मना कर रहे हैं, जिससे परिवार को रोजमर्रा का जीवन जीने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से परेशान होकर परिवार ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की है।

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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