धमतरी जिले के सिवनी खुर्द गांव में पेड़ काटने के विवाद के बाद एक परिवार के लिए तुगलकी फरमान जारी किया गया है। जब पीड़ित परिवार जुर्माना नहीं दे पाया तो उनका हुक्कापानी बंद कर दिया। फिलहाल परिवार ने अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
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मामला धमतरी जिले के सिवनी खुर्द गांव का है। पीड़ित ईश्वर पटेल ने बताया कि-उनकी जमीन पर एक पुराना बरगद का पेड़ था, जो पूरी तरह सूख चुका था। पेड़ के ऊपर से हाई टेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी जिसमें मधुमक्खियों ने छत्ता बना लिया था। जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों को खतरा बना रहता था। किसी हादसे से बचने के लिए उन्होंने पेड़ को कटवा दिया, जिसके बाद गांव के कुछ लोग नाराज हो गए।
पीड़ित के अनुसार, इस मामले को लेकर गांव में दबंग परिवार की ओर से बैठक बुलाई गई। बैठक में कहा गया कि-जिस पेड़ को काटा गया उसमें देवी-देवताओं का वास था और उसे काटने से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसके बाद ईश्वर पटेल पर 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आरोप है कि-जुर्माना नहीं देने पर गांव के लोगों ने उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि-हुक्कापानी बंद होने की वजह से गांव के लोग बातचीत तक नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि दुकानदार भी सामान देने से मना कर रहे हैं, जिससे परिवार को रोजमर्रा का जीवन जीने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से परेशान होकर परिवार ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की है।