Itarsi Bus Stand Controversy: इटारसी में बस स्टैंड विवाद पर सियासी घमासान, दशहरे पर RTO का आदेश जलाने का ऐलान!

इटारसी में पुराने बस स्टैंड को नए स्थान पर शिफ्ट करने का विवाद अब राजनीतिक तकरार में बदल गया है। एक तरफ प्रशासन नए बस स्टैंड से ही बसों के संचालन पर जोर दे रहा है, तो दूसरी तरफ पुराने बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए बसों का कुछ मिनट का ठहराव बनाए रखने की मांग उठ रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक व्यंग्यात्मक पोस्ट ने विवाद को और हवा दे दी है। सेवादल यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानन तिवारी ‘गज्जू’ ने दशहरे पर RTO के आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध करने का ऐलान किया है।
सोशल मीडिया पर गधे की तस्वीर से सियासी तंज
इटारसी बस स्टैंड विवाद के बीच एक व्हाट्सएप ग्रुप पर गधे की तस्वीर के साथ लिखा संदेश चर्चा में है। पोस्ट में तंज कसते हुए कहा गया है, पहिया बदलने से समाधान नहीं मिलेगा, गधा बदलना पड़ेगा। इस संदेश को मौजूदा व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल इस पोस्ट ने पुराने बस स्टैंड को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है।
दशहरे पर RTO के आदेश की प्रतियां जलाने का ऐलान
सेवादल यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानन तिवारी ‘गज्जू’ ने बस स्टैंड शिफ्टिंग के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि दशहरे पर RTO के आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। तिवारी ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। जरूरत पड़ने पर इटारसी के जयस्तंभ चौक पर भूख हड़ताल करने की बात भी कही गई है।
पुराने बस स्टैंड पर क्या चाहते हैं आंदोलनकारी?
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे नए बस स्टैंड को शुरू करने के खिलाफ नहीं हैं। उनकी मुख्य मांग है कि पुराने बस स्टैंड पर भी बसों को यात्रियों के चढ़ने और उतरने के लिए 2 से 5 मिनट तक रुकने की अनुमति दी जाए। उनका तर्क है कि पुराने स्टैंड पर बसों का ठहराव बंद होने से गरीब मजदूरों, किसानों, विद्यार्थियों, महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी हो सकती है। यात्रियों को दूसरे स्थान से आने-जाने के लिए अतिरिक्त ऑटो किराया देना पड़ सकता है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें:
- पुराने बस स्टैंड पर बसों का सीमित पिक एंड ड्रॉप ठहराव।
- यात्रियों पर अतिरिक्त परिवहन खर्च का बोझ कम करना।
- विद्यार्थियों, बुजुर्गों और मजदूरों को राहत देना।
- नए बस स्टैंड के साथ यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखना।
विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के रुख से बढ़ा विवाद
दूसरी ओर, क्षेत्रीय विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने बसों का संचालन नए बस स्टैंड से ही सख्ती के साथ जारी रखने की बात कही है। प्रशासन का तर्क है कि इस व्यवस्था से शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। हालांकि, विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि शहर के विकास के साथ आम यात्रियों की सुविधा भी जरूरी है। पुराने बस स्टैंड पर कुछ मिनट के ठहराव की मांग को लेकर प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच मतभेद बने हुए हैं।




















