बेंगलुरु जा रही Air India Express फ्लाइट के साथ हादसा, पक्षी से टक्कर के बाद सुरक्षित उतरा विमान; सऊदी अरब की उड़ानें भी रद्द

विशाखापत्तनम से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से पक्षी टकरा गया। विमान में 148 यात्री सवार थे। हालांकि, पायलट ने विमान को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। घटना में किसी यात्री या क्रू मेंबर के घायल होने की खबर नहीं है। लैंडिंग के बाद विमान को जांच के लिए पार्किंग स्टैंड पर ले जाया गया। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा हालात के बीच कई भारतीय एयरलाइंस ने सऊदी अरब के प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं।
Air India Express Flight IX2065 से कैसे टकराया पक्षी?
19 अक्टूबर को विशाखापत्तनम से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX2065 से पक्षी टकराने की घटना सामने आई। विमान में कुल 148 यात्री सवार थे। घटना के बाद विमान को सुरक्षित रूप से बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारा गया।इस घटना में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को कोई चोट नहीं आई। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को राहत मिली। हालांकि, पक्षी के टकराने के बाद विमान के तकनीकी निरीक्षण की जरूरत पड़ती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी अहम हिस्से को नुकसान तो नहीं पहुंचा।
लैंडिंग के बाद विमान की तकनीकी जांच शुरू
विमान को सुरक्षित उतारने के बाद पार्किंग स्टैंड पर ले जाया गया। इसके बाद इंजीनियरों और तकनीकी टीम ने विमान की जांच शुरू की। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि पक्षी टकराने से विमान के इंजन, बाहरी ढांचे या दूसरे जरूरी हिस्सों पर कोई असर पड़ा है या नहीं।पक्षी से टकराने की घटना को एविएशन की भाषा में बर्ड स्ट्राइक कहा जाता है। ऐसी स्थिति में विमान की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि पक्षी के टकराने की जगह और प्रभाव के आधार पर नुकसान की संभावना अलग-अलग हो सकती है।
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क्या होता है बर्ड स्ट्राइक?
बर्ड स्ट्राइक तब होता है, जब उड़ान के दौरान कोई पक्षी विमान से टकरा जाता है। यह घटना टेकऑफ, लैंडिंग या उड़ान के दूसरे चरणों में हो सकती है। हर बर्ड स्ट्राइक से विमान को गंभीर नुकसान नहीं होता, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसका असर महत्वपूर्ण हो सकता है।
- इंजन पर असर: पक्षी इंजन के भीतर चला जाए तो तकनीकी नुकसान हो सकता है।
- विमान के बाहरी हिस्से को नुकसान: टक्कर से विमान की सतह या दूसरे हिस्से प्रभावित हो सकते हैं।
- तकनीकी जांच जरूरी: सुरक्षित लैंडिंग के बाद भी विमान का निरीक्षण किया जा सकता है।
- यात्रियों की सुरक्षा: पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल स्थिति के अनुसार जरूरी कदम उठाते हैं।
फ्लाइट को जयपुर में करानी पड़ी थी लैंडिंग
विमानन क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़ी यह खबर ऐसे समय आई है, जब इसी महीने की शुरुआत में फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान को जयपुर में उतारा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान से 'स्क्वॉक 7500' सिग्नल प्रसारित हुआ था। विमानन क्षेत्र में यह कोड विमान अपहरण या गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति दर्शाने के लिए इस्तेमाल होता है। यह अलर्ट अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मिला था। इसके बाद विमान को जयपुर में सुरक्षित उतारा गया।
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सऊदी अरब जाने वाली उड़ानों पर असर
पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा हालात के बीच भारतीय एयरलाइंस ने सऊदी अरब के कई शहरों के लिए उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोकने या रद्द करने की घोषणा की है। इससे इन शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द करने की अवधि इस प्रकार बताई है:
- Air India: रियाद, दम्माम और जेद्दा के लिए तथा वहां से आने वाली उड़ानें 20 अक्टूबर तक रद्द।
- Air India Express: दम्माम, जेद्दा और रियाद की उड़ानों का निलंबन 20 अक्टूबर तक बढ़ाया गया।
- IndiGo: रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना के लिए उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द।
- Akasa Air: रियाद के लिए उड़ानें 24 अक्टूबर तक और जेद्दा के लिए 21 अक्टूबर तक निलंबित।



















