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इंदौर में मीट की दुकान पर बवाल! मंदिर से 200 मीटर दूरी का दावा, रहवासियों ने निगम से की दुकान रुकवाने की मांग

इंदौर के तुलसी नगर में मीट की दुकान खोलने को लेकर विवाद! मंदिर से करीब 200 मीटर दूरी पर दुकान होने का रहवासी संघ ने किया दावा। स्वच्छता, दुर्गंध और अपशिष्ट निपटान पर उठाए सवाल। नगर निगम से स्थल निरीक्षण, लाइसेंस की जांच और नियमों की पुष्टि होने तक दुकान का संचालन रोकने की मांग की।
इंदौर में मीट की दुकान पर बवाल! मंदिर से 200 मीटर दूरी का दावा, रहवासियों ने निगम से की दुकान रुकवाने की मांग
ज्ञापन देने पहुंचे थे रहवासी

इंदौर। शहर के तुलसी नगर में मेन रोड पर मीट की दुकान शुरू करने को लेकर विवाद गहराने के आसार हैं। वार्ड क्रमांक 8 के अंतर्गत A-21, तुलसी नगर मेन रोड पर स्थित दुकान को लेकर रहवासियों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए नगर निगम से हस्तक्षेप की मांग की है। तुलसी नगर रहवासी संघ ने निगम को आवेदन देकर दुकान का स्थल निरीक्षण कराने, जरूरी लाइसेंस और अनुमतियों की जांच करने तथा नियमों की स्थिति स्पष्ट होने तक दुकान का संचालन शुरू नहीं होने देने का अनुरोध किया है। रहवासियों ने मामले को जनस्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा बताते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग उठाई है।

 

मंदिर के पास दुकान को लेकर रहवासियों की आपत्ति

रहवासी संघ की शिकायत के अनुसार, प्रस्तावित मीट की दुकान के आसपास सरस्वती मंदिर, पूजा सामग्री की दुकान, दूध डेयरी और शुद्ध शाकाहारी होटल मौजूद हैं। संघ का दावा है कि दुकान मंदिर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसी स्थानीय परिस्थिति का हवाला देते हुए रहवासियों ने दुकान के संचालन को लेकर सवाल उठाए हैं।संघ का कहना है कि दुकान शुरू होने से पहले संबंधित विभाग को मौके की स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए। आसपास मौजूद धार्मिक स्थल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और रहवासी क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए यह जांच की जानी चाहिए कि दुकान का संचालन लागू नियमों और निर्धारित शर्तों के अनुरूप है या नहीं।

गंदगी और बदबू फैलने की आशंका, अपशिष्ट निपटान पर उठाए सवाल

रहवासियों ने मीट की दुकान से निकलने वाले मांस के अवशेष और अन्य अपशिष्ट के निपटान को लेकर चिंता जताई है। आवेदन में आशंका व्यक्त की गई है कि यदि कचरे का उचित तरीके से निपटान नहीं किया गया, तो आसपास गंदगी और दुर्गंध की समस्या पैदा हो सकती है। खुले नाले में अपशिष्ट जाने की आशंका भी शिकायत में उठाई गई है।रहवासी संघ के मुताबिक, इस तरह की स्थिति बनने पर स्थानीय नागरिकों, राहगीरों और क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी कारण संघ चाहता है कि दुकान का संचालन शुरू होने से पहले सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और अपशिष्ट निपटान के इंतजामों की जांच की जाए।हालांकि, फिलहाल आवेदन में व्यक्त की गई ये आशंकाएं हैं। दुकान से वास्तव में अपशिष्ट का अनुचित निपटान हो रहा है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

 

नगर निगम से दो टूक मांग-पहले जांच, फिर संचालन

तुलसी नगर रहवासी संघ ने नगर निगम से संबंधित स्थल का निरीक्षण कराने और दुकान के संचालन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच करने की मांग की है। संघ ने यह भी अनुरोध किया है कि स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।आवेदन में रहवासियों की आपत्तियों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। संघ चाहता है कि जब तक जरूरी अनुमतियों और नियमों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक दुकान का संचालन शुरू करने पर रोक लगाने के अनुरोध पर विचार किया जाए।

अब नगर निगम की कार्रवाई पर टिकी नजरें

मामले में अब नगर निगम की जांच और संबंधित अधिकारियों के रुख पर नजर रहेगी। दुकान के पास जरूरी लाइसेंस और अनुमतियां हैं या नहीं, वहां स्वच्छता और अपशिष्ट निपटान की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं तथा स्थानीय नियमों के तहत दुकान का संचालन अनुमत है या नहीं—इन सभी बिंदुओं पर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।फिलहाल उपलब्ध आवेदन से इतना स्पष्ट है कि तुलसी नगर रहवासी संघ ने दुकान के संचालन पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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