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हियरिंग लॉस, डायबिटीज के बावजूद 64 की उम्र में फतह की अफ्रीका की युहूरू पीक

शिखर से ऊंचे हौसले: संजय बनर्जी ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर की चढ़ाई
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हियरिंग लॉस, डायबिटीज के बावजूद 64 की उम्र में फतह की अफ्रीका की युहूरू पीक

प्रीति जैन। भोपाल में माउंटेनियरिंग को लेकर युवाओं ही नहीं अब बुजुर्गों में भी उत्साह देखा जा रहा है। सालों की तैयारी के बाद वे ऊंची- ऊंची पर्वतीय चोटियों को फतह करने की तैयारी में अपना हर दिन बिताते हैं और फिर निकल पड़ते हैं, उस सफर पर जिसका सपना उन्होंने सालों से अपनी आंखों में संजो रखा होता है। ऐसा ही एक सपना पूरा किया है, भोपाल के 64 वर्षीय संजय बनर्जी ने। उन्होंने 7 मार्च को सुबह 11.05 मिनट पर अफ्रीकी महाद्वीप के सबसे ऊंचे स्थान माउंट किलिमंजारो के यूहुरू शिखर (5895 मीटर) पर चढ़ाई की। खास बात यह है कि संजय टाइप-2 डायबिटीज पेशेंट हैं और उनकी सुनने की क्षमता 70 फीसदी नहीं है। संजय कहते हैं, इस शिखर पर पहुंचने के लिए चढ़ाई करने वाले 50 फीसदी लोग ही सफल हो पाते हैं।

तीन एशियाई मैराथन भी पूरी कीं और किताबें भी लिखीं

संजय एक अल्ट्रा मैराथनर हैं और उन्होंने 59 साल की उम्र में मुंबई, कुआलालंपुर और सिंगापुर में शीर्ष तीन एशियाई मैराथन पूरी कीं। संजय 2020 में प्रिज्म जॉनसन लिमिटेड से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने दौड़ (क्रॉसिंग द फिनिश लाइन),द माउंटेनियरिंग हैंडबुक, नोबडी डाइज टूनाइट और अपने नवीनतम उपन्यास (जस्टिस ऑन द हिल्स) जैसी चार किताबें भी लिखी हैं। उकियोटो बेस्ट फिक्शन बुक ऑफ द ईयर-24 जीता, जो गोरखालैंड पर एक कहानी है।

शिखर पर पहुंचकर मनाया अपना 64 वां जन्मदिन

संजय कहते हैं, मेरे लिए यह दिन खास रहा क्योंकि चोटी पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपने सहयोगियों व गाइड के साथ अपना 64 वां जन्मदिन सेलिब्रेट किया और तिरंगा झंडा फहराया। सफल पंद्रह लोगों के इस समूह का नेतृत्व बूट्स एंड क्रैम्पन्स के सह- संस्थापक लेफ्टिनेंट कर्नल रोमिल बर्थवाल ने किया।

साल 2021 से कर रहा था पर्वतारोहण की तैयारी

टाइप-2 डायबिटीज और 70 फीसदी सुनने की क्षमता खोने के बाद इस पर्वत पर चढ़ाई करने वाला पहला भारतीय हूं। मप्र में सबसे उम्रदराज पर्वतारोही हूं जिसने इस पर्वत पर चढ़ाई पूरी की है। मेरे रूटीन में ऊंचाई वाले रेगिस्तान और आर्कटिक शिखर के रास्ते से होकर 6 से 7 घंटे तक की ट्रेकिंग करना शामिल था। 2021 में अटल बिहारी वायपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स, मनाली से ए- ग्रेड के साथ माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा करने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय होने का रिकॉर्ड बनाया था। -संजय बनर्जी, पर्वतारोही

People's Reporter
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