दिल्ली से वाराणसी पहुंचेंगे सिर्फ 3.3 घंटे में, बुलेट ट्रेन से अयोध्या-लखनऊ भी जुड़ेंगे, उत्तरी कॉरिडोर को मंजूरी

दिल्ली से वाराणसी का सफर अब करीब साढ़े तीन घंटे में पूरा हो सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-वाराणसी-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी में यह जानकारी दी।
इस कॉरिडोर से उत्तर प्रदेश को पहली बुलेट ट्रेन मिलने का रास्ता खुल गया है। प्रस्तावित ट्रेन दिल्ली से आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या होते हुए वाराणसी पहुंचेगी। इसके बाद पटना और सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक जाएगी।
दिल्ली से वाराणसी का सफर 3.3 घंटे में
बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली से वाराणसी की दूरी करीब 3 घंटे 33 मिनट में पूरी होगी। अभी इस रूट पर तेजस और राजधानी जैसी ट्रेनों को 10 घंटे से ज्यादा लगते हैं। नई व्यवस्था में दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट में पूरा होगा।
दिल्ली से कानपुर पहुंचने में 1 घंटे 45 मिनट लगेंगे। वहीं, लखनऊ तक का सफर 2 घंटे 12 मिनट में पूरा होने का अनुमान है। इस कॉरिडोर से उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहर आपस में जुड़ेंगे। इससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा पहले से आसान होगी।
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अयोध्या और लखनऊ को भी मिलेगी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में अयोध्या और लखनऊ को भी शामिल किया गया है। दिल्ली से शुरू होकर ट्रेन आगरा और कानपुर होते हुए लखनऊ पहुंचेगी। इसके बाद अयोध्या और वाराणसी तक जाएगी। वाराणसी से आगे यह कॉरिडोर पटना और सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक पहुंचेगा। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी विकसित होगी।
पटना से दिल्ली पहुंचने में लगेंगे करीब 4 घंटे
बुलेट ट्रेन से दिल्ली और पटना के बीच यात्रा का समय भी कम होने की उम्मीद है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, पटना से दिल्ली का सफर करीब 4 घंटे में पूरा हो सकेगा। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, सिलीगुड़ी से वाराणसी आने वाली ट्रेन और वाराणसी से दिल्ली जाने वाली ट्रेन की टाइमिंग समन्वित होगी। इससे यात्रियों को एक ट्रेन से उतरकर दूसरी ट्रेन पकड़ने में सुविधा मिलेगी।
फिलहाल वाराणसी से दिल्ली की दूरी करीब 807 किलोमीटर है। विमान से यात्रा में लगभग 1 घंटे 40 मिनट लगते हैं। हालांकि, एयरपोर्ट तक पहुंचने और अन्य औपचारिकताओं में भी समय लगता है।
बुलेट ट्रेन के किराये पर क्या बोले रेल मंत्री?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन के किराये को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे केवल अमीरों के लिए बताकर भ्रम फैलाएंगे।
रेल मंत्री के मुताबिक, सरकार की विकास योजनाओं का उद्देश्य किसानों, मध्यम वर्ग और गरीबों को भी बेहतर सुविधाएं देना है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली से बनारस के बीच बुलेट ट्रेन का किराया हवाई जहाज के टिकट से कम रखने की योजना है।
गंगा पर बनेगा 2,657 करोड़ रुपए का नमो ब्रिज
वाराणसी में गंगा नदी पर बनने वाले नए सिग्नेचर ब्रिज को लेकर भी जानकारी सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस पुल का नाम नमो ब्रिज होगा। यह पुल करीब 2.5 किलोमीटर लंबा होगा। इसके निर्माण पर लगभग 2,657 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसे 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
डबल डेकर होगा नमो ब्रिज
नमो ब्रिज डबल डेकर हाइब्रिड ब्रिज होगा। इसके ऊपरी हिस्से में छह लेन का सड़क मार्ग बनाया जाएगा। निचले हिस्से में चार रेल लाइनें होंगी। इस पुल से काशी रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर और नमो घाट तक पहुंचना आसान होगा। इससे शहर के प्रमुख इलाकों के बीच आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है।
100 से ज्यादा ट्रेनों के संचालन का रास्ता खुलेगा
नमो ब्रिज बनने से वाराणसी, बिहार और पूर्वांचल के रेल यात्रियों को फायदा मिलेगा। इसके जरिए 100 से ज्यादा अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन का रास्ता खुल सकता है। इससे मौजूदा रेल नेटवर्क पर दबाव कम होगा। यात्रियों को ज्यादा ट्रेनें उपलब्ध हो सकेंगी।
पुल से वाराणसी की तीन दिशाओं में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। शहर में लगने वाले लंबे जाम को कम करने में भी मदद मिल सकती है। पुल के एक तरफ प्रधानमंत्री का गोद लिया हुआ गांव है। दूसरी तरफ नमो घाट स्थित है।




















