Delhi School Bomb Threat : सेंट स्टीफन कॉलेज और सेंट थॉमस स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

नई दिल्ली। दिल्ली के द्वारका स्थित सेंट थॉमस स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफन कॉलेज को 15 जुलाई को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। जैसे ही यह खबर फैली, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही छात्रों और स्टाफ को स्कूल-कॉलेज से बाहर निकाला गया और परिसर को खाली करा लिया गया। पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वाड और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। हालांकि, घंटों चली तलाशी के बाद भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
लगातार मिल रहीं धमकियां
सिर्फ मंगलवार ही नहीं, सोमवार को भी दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेवी स्कूल और द्वारका के CRPF स्कूल को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिले थे। इन मामलों में भी बम निरोधक दस्ता पहुंचा, लेकिन जांच के बाद सभी ईमेल फर्जी निकले।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच स्पेशल सेल को सौंप दी गई है और ईमेल भेजने वालों का पता लगाने के लिए साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है।
जुलाई से पहले भी ऐसे ही मेल से दहशत
इस तरह की धमकियां नई नहीं हैं। 2024 के मई में दिल्ली-NCR के करीब 200 स्कूलों को बम धमकी वाले ईमेल भेजे गए थे, जो जांच में फर्जी साबित हुए। ईमेल भेजने में VPN का इस्तेमाल हुआ था, जिससे मेल की लोकेशन और भेजने वाले की पहचान मुश्किल हो जाती है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और स्वर्ण मंदिर को भी धमकी
इन धमकियों का दायरा सिर्फ स्कूल-कॉलेजों तक सीमित नहीं रहा। मंगलवार को मुंबई स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को भी एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें कहा गया था कि “बीएसई टावर में 4 RDX IED बम प्लांट किए गए हैं जो दोपहर 3 बजे फटेंगे।” हालांकि तलाशी के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को भी धमकी भरा मेल मिला है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) को धमकी मिलने के बाद पुलिस बल तैनात कर दिया गया और FIR दर्ज की गई।
क्या कहते हैं अधिकारी?
दिल्ली पुलिस उपायुक्त द्वारका अंकित सिंह ने बताया कि, “धमकी के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी संस्थानों को खाली कराकर तलाशी ली गई है। फिलहाल कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। साइबर सेल जांच में जुटी है।”
दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि, “कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।”
अब क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
- सभी धमकी वाले ईमेल की जांच साइबर क्राइम यूनिट कर रही है।
- ईमेल में इस्तेमाल हुए सर्वर, VPN और IP ऐड्रेस की ट्रेसिंग की जा रही है।
- राष्ट्रीय राजधानी और प्रमुख शहरों में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
- स्कूल और कॉलेजों में बम निरोधक दस्ता नियमित रूप से गश्त कर रहा है।




















