पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन करने वाले ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, गृह मंत्रालय के निर्देश पर कार्रवाई

दिल्ली पुलिस में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। पुलिस मुख्यालय के बाहर अपने साथियों के साथ प्रदर्शन करने वाले ACP मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड कर दिया गया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई की है। दरअसल, 2 नवंबर 2026 को ACP मनस्वी वशिष्ठ के नेतृत्व में 150 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटे थे। वे ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के इंस्पेक्टर अरुण कुमार के तबादले का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दोनों अधिकारियों को उनकी पुरानी पोस्टिंग पर वापस भेजा जाए। अब इस मामले में ACP के निलंबन के बाद दिल्ली पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
मुख्यालय के बाहर क्यों हुआ था पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन?
2 नवंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल हुए थे। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। प्रदर्शन का नेतृत्व ACP मनस्वी वशिष्ठ कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने नारेबाजी करते हुए दोनों अधिकारियों के तबादले को वापस लेने की मांग उठाई थी। प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से भी मिला था। इस दौरान उन्होंने अपनी पांच मांगें रखीं। पुलिसकर्मियों का कहना था कि थानों और अदालत परिसरों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा शाहदरा थाने में हुए विवाद में शामिल वकीलों के खिलाफ कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग भी की गई थी।
वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच क्या हुआ था?
यह पूरा विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच हुई कहासुनी से जुड़ा है। इस दौरान वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट लग गई थी। घटना के बाद वकीलों ने पुलिस अधिकारियों पर दुर्व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए थे। वकीलों का आरोप था कि विवाद के दौरान ACP मनस्वी वशिष्ठ ने अपना रिवॉल्वर दिखाया था। हालांकि, ACP ने इन आरोपों से इनकार किया था। इस घटना के बाद दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। इससे अदालतों में न्यायिक कामकाज भी प्रभावित हुआ।
ACP मनस्वी वशिष्ठ और SHO अरुण कुमार का हुआ था तबादला
वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच बढ़ते विवाद के बाद 28 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया था। ACP मनस्वी वशिष्ठ को गांधी नगर से स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वुमेन एंड चिल्ड्रेन (SPUWAC) भेजा गया। शाहदरा थाने के SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई में ट्रांसफर किया गया।अधिकारियों के तबादले के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी थी।

Police Commissioner से मिले प्रदर्शनकारी, रखीं पांच मांगें
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के सामने अपनी समस्याएं रखीं। उनकी प्रमुख मांगों में दोनों अधिकारियों की पुरानी पोस्टिंग बहाल करना, विवाद में शामिल वकीलों के खिलाफ कार्रवाई और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर ने प्रदर्शनकारियों को उनकी चिंताओं पर उचित और जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। उन्होंने पुलिस बल का मनोबल बनाए रखने की बात भी कही थी।
प्रदर्शन के बाद ACP पर गिरी गाज
दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर हुए प्रदर्शन के एक दिन बाद ACP मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड किए जाने की कार्रवाई सामने आई है। बताया गया है कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह फैसला लिया गया। फिलहाल ACP मनस्वी वशिष्ठ के निलंबन के बाद इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।



















