दिल्ली-NCR में दौड़ेगी नमो भारत,4 नए कॉरिडोर की DPR सरकार के पास, जानिए किन रूटों पर चलेगी ट्रेन

दिल्ली-एनसीआर में सफर को तेज, आसान और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने नमो भारत (RRTS) के चार नए कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी है। इन परियोजनाओं का मकसद दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच बेहतर और हाई-स्पीड क्षेत्रीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
किन नए कॉरिडोर का प्रस्ताव भेजा गया?
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि NCRTC ने चार नए नमो भारत कॉरिडोर की DPR तैयार की है। इनमें शामिल हैं:
• दिल्ली-करनाल
• दिल्ली-बावल
• बावल-बहरोड़
• गाजियाबाद-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
अब केंद्र सरकार इन परियोजनाओं की तकनीकी और वित्तीय जांच करेगी। इसके बाद ही मंजूरी देने पर फैसला लिया जाएगा।
अभी कौन-सा RRTS कॉरिडोर चालू है?
फिलहाल दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का 82.15 किलोमीटर लंबा हिस्सा संचालित हो रहा है। यह देश का पहला चालू RRTS कॉरिडोर है। इस परियोजना को केंद्र सरकार ने मार्च 2019 में मंजूरी दी थी और अब इसका फायदा हजारों यात्री रोजाना उठा रहे हैं।
NCR-2032 प्लान में शामिल हैं 8 RRTS कॉरिडोर
सरकार के मुताबिक, नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) ने NCR-2032 के ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान में कुल 8 RRTS कॉरिडोर की पहचान की है। इनका उद्देश्य दिल्ली और आसपास के बड़े शहरों को सेमी-हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ना है।
इन प्रस्तावित कॉरिडोर में शामिल हैं:
• दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर
• दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ
• दिल्ली-सोनीपत-पानीपत
• दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल
• दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक
• दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत
• गाजियाबाद-खुर्जा
• गाजियाबाद-हापुड़
किन परियोजनाओं को मिली थी प्राथमिकता?
मंत्री ने बताया कि नीति आयोग की टास्क फोर्स ने शुरुआत में तीन RRTS कॉरिडोर को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी थी। इनमें:
• दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ
• दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर
• दिल्ली-पानीपत
शामिल हैं। इन रूटों पर क्षेत्रीय यात्रा की मांग को देखते हुए पहले काम शुरू किया गया।
मंजूरी से पहले होगी पूरी जांच
सरकार का कहना है कि नमो भारत जैसी RRTS परियोजनाएं काफी महंगी होती हैं। इसलिए किसी भी नए कॉरिडोर को मंजूरी देने से पहले उसकी तकनीकी क्षमता, लागत, वित्तीय व्यवस्था और संसाधनों का विस्तार से मूल्यांकन किया जाता है। सभी पहलुओं की समीक्षा पूरी होने के बाद ही केंद्र सरकार अंतिम मंजूरी और वित्तीय सहायता पर फैसला लेती है।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
अगर इन चार नए कॉरिडोर को मंजूरी मिल जाती है, तो दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। इससे सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है, यात्रा का समय घटेगा और दिल्ली, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों के बीच कनेक्टिविटी पहले से बेहतर हो जाएगी। आने वाले वर्षों में नमो भारत नेटवर्क का विस्तार पूरे एनसीआर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती दे सकता है।
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