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Delhi Liquor Policy : राउज एवेन्यू कोर्ट से मनीष सिसोदिया को झटका, न्यायिक हिरासत 26 अप्रैल तक बढ़ाई

Delhi Liquor Policy : राउज एवेन्यू कोर्ट से मनीष सिसोदिया को झटका, न्यायिक हिरासत 26 अप्रैल तक बढ़ाई
नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को गुरुवार (18 अप्रैल) को झटका लगा है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को 26 अप्रैल तक बढ़ा दी है। अब इस मामले में कोर्ट अगली सुनवाई 26 अप्रैल को 11 बजे करेगा। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आरोपियों को उन दस्तावेज की लिस्ट देने का निर्देश दिया, जिनकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है। गौरतलब है कि इससे पहले कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 18 अप्रैल तक बढ़ा दी थी।

पहले भी कैंसिल हो चुकी है याचिका

इससे पहले भी 2 अप्रैल को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। तब सिसोदिया ने कोर्ट से कहा था कि, मुझे जेल में रखने से कोई फायदा नहीं है। दिल्ली शराब नीति मामले में मेरे खिलाफ जांच पहले ही पूरी हो चुकी है। मेरी तरफ से जांच में बाधा डालने या सबूत मिटाने की कोई संभावना नहीं है। सिसोदिया ने स्पेशल जज एम के नागपाल से यह भी कहा था कि अगर अदालत उन्हें जमानत देने का फैसला करती है तो वह अदालत की किसी भी शर्त का पालन करने को तैयार हैं।

सिसोदिया की एक चिट्ठी आई थी सामने

5 अप्रैल को सिसोदिया की एक चिट्ठी सामने आई थी। उन्होंने यह चिट्ठी 15 मार्च को अपने विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज के लोगों के लिए लिखी थी। जिसे आम आदमी पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 5 अप्रैल को जारी की। सिसोदिया ने इस चिट्ठी में लिखा, जेल में रहने के बाद आप सबके प्रति मेरा प्यार और बढ़ गया है। आपने मेरी पत्नी सीमा का बहुत ख्याल रखा। सीमा आप सबके बारे में बात करते हुए भावुक हो जाती है। आप सभी अपना ख्याल रखें। मैं आप सब लोगों से जल्द ही बाहर मिलूंगा। शिक्षा क्रांति जिंदाबाद।

क्या है पूरा मामला ?

दिल्ली में केजरीवाल की सरकार में डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू कर दी गई। नई शराब नीति लागू करने के बाद सरकार शराब के कारोबार से बाहर आ गई और शराब की पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गई। नई नीति लाने के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार का रेवेन्यू में बढ़ेगा। नई नीति से रेवेन्यू में 1500-2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी। नई पॉलिसी में कहा गया था कि दिल्ली में शराब की कुल दुकानें पहले की तरह 850 ही रहेंगी। हालांकि, नई नीति शुरू से ही विवादों में रही। जब बवाल ज्यादा बढ़ गया, तब 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी। मामले में सीबीआई को जांच ट्रांसफर दी गई। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा एंगल आने पर इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हो गई। उसके बाद से AAP के कई सीनियर नेता और उनके करीबी सहयोगी जांच एजेंसी के निशाने पर आ गए।
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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