मध्य प्रदेश में आफत की बारिश, नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में रेड अलर्ट, 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 4 इंच तक होगी बारिश

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपना जोर दिखा रहा है। गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है, जबकि छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। ऐसे में नदी-नालों के उफान पर आने और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है।
MP के इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
गुरुवार को नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट है। वहीं छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, पांढुर्णा और बालाघाट में भी भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का अनुमान है।
छतरपुर में स्कूलों की छुट्टी
लगातार बारिश, नदी-नालों में बढ़ते पानी और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए छतरपुर जिले में गुरुवार को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। हालांकि यह छुट्टी केवल विद्यार्थियों के लिए है। शिक्षकों को स्कूल पहुंचकर शैक्षणिक और विभागीय काम पूरे करने होंगे।
डबरा में बारिश के बीच ढहा कच्चा मकान
बारिश के बीच डबरा के जंगीपुरा में बुधवार रात एक दर्दनाक हादसा भी हुआ। यहां दो मंजिला कच्चे मकान की छत ढह गई और परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए। हादसे में सीमा और उनके 2 साल के बेटे आदित्य की मौत हो गई। वहीं सीमा के पति जागेंद्र और उनकी दो बेटियां वैशाली और रागनी घायल हो गईं। घायलों का इलाज जारी है।
4 सितंबर से इन संभागों में बढ़ेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार, 4 सितंबर को बारिश का सिस्टम आगे बढ़ेगा। इसका ज्यादा असर भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग में देखने को मिल सकता है। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में भारी बारिश की संभावना है। वहीं इंदौर में तेज बारिश की संभावना कम है। 5 सितंबर को प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बारिश जोर पकड़ सकती है, जबकि 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में सिस्टम का असर दिखाई देगा।
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डैम में बढ़ा पानी, बड़ा तालाब भी फुल होने के करीब
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के बांधों में पानी की स्थिति सुधरी है। ज्यादातर बांधों में करीब 70 प्रतिशत तक पानी पहुंच गया है और कुछ डैम के गेट भी खोले जा चुके हैं। भोपाल के बड़ा तालाब में पानी का लेवल 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब तालाब सिर्फ 0.30 फीट खाली है। इसके पूरी तरह भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जा सकते हैं। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम तक पहुंचेगा, जिससे वहां भी जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
प्रदेश में अब तक 28.1 इंच बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 714.2 मिलीमीटर यानी 28.1 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि सामान्य बारिश के मुकाबले अभी करीब 3.4 इंच पानी कम है। प्रदेश में कुल मिलाकर बारिश सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में करीब 4 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
कई जिलों में अब भी बारिश का इंतजार
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 17 प्रतिशत तक कम है। कई जिलों में सामान्य से 2 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में बारिश सामान्य से कम है। हालांकि अनूपपुर, मऊगंज, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। फिलहाल बारिश के मजबूत सिस्टम को देखते हुए गुरुवार और आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बेहद सक्रिय रहने वाला है। लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।




















