दिल्ली में सुबह-सुबह हिली धरती!2.9 तीव्रता के भूकंप से महसूस हुए हल्के झटके, अरुणाचल-असम में भी कंपन

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रविवार तड़के अचानक धरती हिलने से लोगों में हलचल मच गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक सुबह करीब 4 बजकर 14 मिनट पर दिल्ली के उत्तरी जिले में 2.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर करीब 8 किलोमीटर की गहराई पर था। हालांकि इसकी तीव्रता कम होने के कारण ज्यादातर लोगों को इसका ज्यादा एहसास नहीं हुआ। प्रशासन की ओर से किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं दी गई है। वहीं देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी सुबह कम तीव्रता वाले भूकंप दर्ज किए गए।
8 किलोमीटर गहराई पर था भूकंप का केंद्र
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार दिल्ली में आए भूकंप का केंद्र उत्तरी जिले में स्थित था। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.9 मापी गई। वैज्ञानिकों के मुताबिक कम तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। इस तरह के झटकों में जमीन में हल्का कंपन महसूस हो सकता है लेकिन बड़ी इमारतों या ढांचों को नुकसान की संभावना काफी कम रहती है। सुबह का समय होने के कारण अधिकतर लोग अपने घरों में सो रहे थे। इसी वजह से कई लोगों को भूकंप के झटके महसूस भी नहीं हुए। हालांकि सोशल मीडिया और आधिकारिक रिपोर्ट के जरिए लोगों को इसकी जानकारी मिली।
असम और अरुणाचल प्रदेश में भी महसूस हुए झटके
दिल्ली के अलावा असम और अरुणाचल प्रदेश में भी रविवार सुबह भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 2.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र जमीन से करीब 5 किलोमीटर नीचे था। वहीं असम के बारपेटा में 2.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र जमीन के अंदर करीब 4 किलोमीटर की गहराई पर था। दोनों राज्यों में भी कम तीव्रता के कारण किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
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कम तीव्रता वाले भूकंप से खतरा कम
भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार 2 से 3 तीव्रता वाले भूकंप सामान्य तौर पर हल्की श्रेणी में आते हैं। ऐसे भूकंप में कई बार सिर्फ हल्का कंपन महसूस होता है और नुकसान की संभावना बहुत कम रहती है। वैज्ञानिकों के अनुसार भूकंप की गहराई भी इसके प्रभाव को प्रभावित करती है। जमीन की सतह के करीब आने वाले भूकंप ज्यादा असरदार हो सकते हैं, क्योंकि उनकी ऊर्जा कम दूरी तय करके सतह तक पहुंचती है।
कैसे आते हैं भूकंप और क्यों होते हैं खतरनाक?
धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण भूकंप आते हैं। पृथ्वी की सतह से करीब 700 किलोमीटर तक अलग-अलग गहराई पर भूकंपीय गतिविधियां हो सकती हैं। वैज्ञानिक इन्हें उथले, मध्यम और गहरे भूकंपों की श्रेणी में बांटते हैं। उथले भूकंप अक्सर ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि इनकी कंपन ऊर्जा सीधे सतह तक पहुंचती है। इससे इमारतों और अन्य संरचनाओं पर ज्यादा असर पड़ सकता है।
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दिल्ली समेत कई इलाकों में निगरानी जारी
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप की गतिविधियों पर वैज्ञानिक लगातार नजर रखते हैं। हालांकि रविवार सुबह आए भूकंप से किसी तरह की बड़ी क्षति की जानकारी नहीं मिली है। विशेषज्ञों ने लोगों को घबराने की बजाय सतर्क रहने और आपात स्थिति में सुरक्षा उपायों का पालन करने की सलाह दी है।











