23-24 सितंबर को पीएम मोदी की मंत्रियों के साथ बैठक, जानें एजेंडा

बैठक में मंत्रालयों के कामकाज, सरकारी योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी। मंत्रियों से यह भी जानकारी ली जाएगी कि उनके मंत्रालय ने जनता के लिए कौन से नए कदम उठाए और योजनाओं का लाभ लोगों तक कितनी तेजी से पहुंचा। इससे पहले 21-22 सितंबर को दिल्ली में करीब डेढ़ दर्जन मंत्रियों का समूह भी अलग-अलग विषयों पर बैठक करेगा। लगातार हो रही इन समीक्षा बैठकों के जरिए सरकार अपने कामकाज में सुधार और आगे की प्राथमिकताओं पर मंथन कर रही है।
सेवा तीर्थ में दो दिन होगी बैठक
कैबिनेट मंत्रियों के साथ चिंतन बैठक 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में आयोजित की जाएगी। इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सभी मंत्रियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। बैठक में सरकार के कामकाज का आकलन करने के साथ मंत्रालयों की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा होगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि सरकारी फैसलों और योजनाओं का असर जमीन पर कितना दिखाई दे रहा है।
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योजनाओं के क्रियान्वयन पर रहेगा फोकस
दो दिवसीय बैठक में केवल सरकार के फैसलों की समीक्षा नहीं होगी, बल्कि योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन पर भी ध्यान दिया जाएगा। मंत्रियों से योजनाओं को लेकर मिले फीडबैक और उनके सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी ली जाएगी। किस मंत्रालय ने अपनी डिलीवरी व्यवस्था को बेहतर किया है और कहां सुधार की जरूरत है, इन मुद्दों पर भी मंथन होगा। सरकार का जोर योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचाने पर रहेगा।
नए इनिशिएटिव की भी होगी चर्चा
बैठक में मंत्रियों से उनके मंत्रालयों की ओर से शुरू किए गए नए इनिशिएटिव की जानकारी भी ली जाएगी। खासतौर पर ऐसे कदमों पर चर्चा होगी, जिनसे आम लोगों की जिंदगी आसान हुई और सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंचा। जानकारी के मुताबिक मंत्रियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर विभिन्न विषयों पर चर्चा कराई जा सकती है। इस दौरान मंत्रालयों के कामकाज और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर सुझाव भी लिए जाएंगे।
लगातार हो रही कामकाज की समीक्षा
जानकारों के मुताबिक, कैबिनेट मंत्रियों के साथ होने वाली यह चिंतन बैठक सरकार की लगातार चल रही समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले प्रधानमंत्री की सचिवों के साथ बैठक, फिर राज्यमंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन और मंत्री परिषद की बैठक में सरकार के कामों की समीक्षा की गई। अब कैबिनेट मंत्रियों के साथ दो दिन तक विचार-विमर्श किया जाएगा। लगातार हो रही इन बैठकों से सरकार के कामकाज को बीच कार्यकाल में परखकर आगे की रणनीति तैयार करने का संकेत मिल रहा है।
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ईज ऑफ लिविंग पर प्रधानमंत्री का फोकस
सरकार की समीक्षा प्रक्रिया में आम आदमी के लिए योजनाओं की पहुंच और ईज ऑफ लिविंग को अहम मुद्दा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि ऐसे नियम और व्यवस्थाएं हों, जिससे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी न हो। इसी दिशा में पुराने नियमों में बदलाव और व्यवस्था को आसान बनाने के कदम भी उठाए जा रहे हैं। चिंतन बैठक से पहले 21-22 सितंबर को दिल्ली में करीब डेढ़ दर्जन मंत्रियों का समूह बैठक करेगा, जिसमें कैबिनेट और राज्यमंत्री दोनों शामिल होंगे।



















