सागर जहरीली शराब कांड: ग्वालियर से दिल्ली तक जुड़े तार, नकली शराब बनाने का सामान और मशीनें जब्त

सागर। बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की जांच में पुलिस ने नकली और अमानक शराब तैयार कर उसकी सप्लाई करने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क के तार ग्वालियर, मुरैना से लेकर दिल्ली तक जुड़े हुए थे। गिरोह पर ‘सागर गोल्ड’ के नाम से नकली शराब तैयार कर उसे लाइसेंसी शराब दुकानों की आड़ में आसपास के गांवों में खपाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार मामले में अब तक 52 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें से 37 की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसपी अनुराग सुजानिया ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जांच के दौरान ग्वालियर और मुरैना से नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण बरामद किए गए हैं।

पूछताछ में सामने आया नकली शराब तैयार करने का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी रवि लखेरा से पूछताछ के दौरान मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर और आशीष साहू के साथ मिलकर नकली शराब तैयार करने और शराब ठेके की आड़ में उसकी सप्लाई करने की योजना की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस की जांच मुरैना और ग्वालियर से होते हुए दिल्ली तक पहुंची। जांच के दौरान बंडा के छापरी निवासी शिवान्जय राजपूत और गढ़ाकोटा के पिपरिया निवासी रोहित पटेल के नाम भी सामने आए। पुलिस के अनुसार, दोनों मुरैना निवासी दिनेश शिवहरे के संपर्क में थे। पुलिस का कहना है कि इन लोगों के जरिए ततरवारा में चंदू राजा के घर नकली शराब तैयार करने की योजना बनाई गई थी।
दिल्ली से मंगाई गई थी औद्योगिक स्पिरिट
पुलिस जांच में सामने आया कि नकली शराब तैयार करने के लिए औद्योगिक स्पिरिट के पांच ड्रम दिल्ली से सागर भेजे गए थे। इस मामले में दिल्ली की एक रासायनिक कंपनी के संचालक अनुपम गिरी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि औद्योगिक स्पिरिट की आपूर्ति किस माध्यम से की गई और इसका इस्तेमाल नकली शराब तैयार करने में किस स्तर पर किया गया।
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ग्वालियर में मिला बोतल बनाने का ठिकाना
जांच के दौरान पुलिस की टीमें मुरैना और ग्वालियर पहुंचीं। पुलिस के मुताबिक यहां दिनेश शिवहरे के भाई ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव और टिंकू उर्फ सुरेंद्र जाटव समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
शराब पीने से गिरोह के दो आरोपी भी हुए प्रभावित
पुलिस के अनुसार इस मामले में गिरोह से जुड़े दिनेश शिवहरे और उसका साथी देवा उर्फ देवेंद्र जाटव भी इसी शराब के सेवन के बाद गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे।
पुलिस ने बताया कि दिनेश को बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन उसकी हालत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दिलाकर आरोपी उसे मुरैना ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। वहीं पुलिस जांच में देवा उर्फ देवेंद्र जाटव की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।
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जांच का दायरा ग्वालियर और दिल्ली तक पहुंचा
बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों की जांच के दौरान सामने आए इन तथ्यों के बाद पुलिस अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और शराब तैयार करने के लिए इस्तेमाल सामग्री की आपूर्ति की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।



















