दिल्ली:फायर ब्रिगेड में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा मौका, आपदा प्रबंधन को लेकर DDMA की अहम बैठक

नई दिल्ली। बैठक में फायर विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए पूर्व अग्निवीरों को शामिल करने का सुझाव सामने आया। साथ ही अवैध निर्माण, आगजनी की घटनाओं और आगामी मानसून को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को नियमों के सख्त पालन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
फायर विभाग में पूर्व अग्निवीरों को मौका देने की कवायद
बैठक के दौरान फायर विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए पूर्व अग्निवीरों को नियुक्त करने का सुझाव दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि अग्निवीरों को विशेष प्रशिक्षण और अनुशासित कार्यशैली का अनुभव होता है, जो आपदा और बचाव कार्यों में काफी उपयोगी साबित हो सकता है। इससे विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं की क्षमता भी मजबूत होगी।
ये भी पढ़ें: कटनी में फेंसिंग में फंसी मादा बायसन की मौत : रेस्क्यू के बाद इलाज के लिए ले जाते समय तोड़ा दम
लंबित कार्यों पर मांगी गई जवाबदेही
हाल ही में गठित अधिकारियों की टीमों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी विभाग समय पर अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। अधिकारियों से कहा गया कि योजनाओं और निर्देशों को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन को भी प्राथमिकता दी जाए।
अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी पर चिंता
राजधानी में लगातार सामने आ रहे अवैध निर्माण और आग लगने की घटनाओं को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। अधिकारियों ने शहर में चल रहे कार्रवाई अभियानों की प्रगति का आकलन किया। फायर सेफ्टी लाइसेंस के दुरुपयोग को रोकने और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही यह सुनिश्चित करने की बात कही गई कि कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
ये भी पढ़ें: MP Rajya Sabha Election : मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर भाजपा की आपत्ति, केस की जानकारी छुपाने का आरोप
मानसून से पहले तैयारियों का लिया जायजा
बैठक में आगामी मानसून को देखते हुए जलभराव और बाढ़ जैसी संभावित समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर पहले से आवश्यक इंतजाम किए जाएं। बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य यह है कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश
बैठक के आखिर में नियमों के उल्लंघन और लापरवाही के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई ना बरती जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि चुनौतियां को अवसर में बदलकर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जाए।












