कटनी में फेंसिंग में फंसी मादा बायसन की मौत :रेस्क्यू के बाद इलाज के लिए ले जाते समय तोड़ा दम

उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे कटनी वन मंडल के बड़वारा परिक्षेत्र में एक मादा बायसन की मौत का मामला सामने आया है। बायसन खेत की तारबंदी में फंस गई थी, जिसे वन विभाग और ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, हालत गंभीर होने के कारण उसे इलाज के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना ने वन्यजीव संरक्षण और जंगल से सटे इलाकों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
खेत की फेंसिंग में फंसी मिली बायसन
जानकारी के अनुसार, घटना बड़वारा परिक्षेत्र की करेला बीट से लगे ग्राम उटिन की है। यहां किसान गणेश प्रसाद कुशवाहा के खेत में लगी बार्बेड तार की फेंसिंग में एक मादा बायसन फंसी हुई मिली। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद वनकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बायसन को तारों से बाहर निकाला। इस दौरान वह काफी कमजोर और घायल अवस्था में थी।
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रेस्क्यू के बाद शुरू हुआ इलाज
सूचना मिलने पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम और वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। विशेषज्ञों ने बायसन का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी हालत चिंताजनक बनी रही। बेहतर इलाज के लिए उसे मगधी परिक्षेत्र स्थित बहेरहा बाड़ा ले जाने का फैसला किया गया। रेस्क्यू टीम ने विशेष वाहन के जरिए बायसन को वहां पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम में बीमारी के संकेत
मृत्यु के बाद सोमवार को बहेरहा बाड़ा के पास बायसन का पोस्टमार्टम किया गया। जांच के दौरान उसके सभी लिंफ नोड्स सामान्य से बड़े पाए गए। इससे वन्यजीव विशेषज्ञों ने किसी पुरानी या क्रोनिक बीमारी की आशंका जताई है।
हालांकि, अभी मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। वन विभाग ने बायसन के प्रमुख अंगों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह पता चल सकेगा कि मौत केवल चोटों के कारण हुई या किसी गंभीर बीमारी ने भी इसमें भूमिका निभाई।
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बढ़ती घटनाएं बनी चिंता का विषय
बांधवगढ़ और उससे लगे वन क्षेत्रों में बायसन जैसे बड़े वन्यजीवों की मौजूदगी जैव विविधता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। खेतों की तारबंदी में वन्यजीवों के फंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। यह घटना वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही, फेंसिंग के सुरक्षित विकल्प और जंगल से सटे क्षेत्रों में संरक्षण उपायों की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करती है।











