विदेशी व कश्मीरी छात्रों पर DAVV की नजर:30 अगस्त तक मांगा पूरा ब्यौरा

इंदौर। नए शैक्षणिक सत्र में दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) ने अब कॉलेजों में पढ़ रहे कश्मीरी और विदेशी विद्यार्थियों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय से जुड़े सभी सरकारी और निजी कॉलेजों को ऐसे विद्यार्थियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर 30 अगस्त तक विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेज प्रबंधन को भेजे गए निर्देशों में विद्यार्थियों की पहचान और संपर्क से जुड़ी कई जानकारियां मांगी गई हैं। इसमें विद्यार्थी का नाम, मोबाइल नंबर, स्थायी व वर्तमान पता, अध्ययनरत कोर्स, अभिभावक का विवरण और हॉस्टल में रहने संबंधी जानकारी शामिल है।
ये भी पढ़ें: नागलवाड़ी दर्शन से लौट रहे यात्रियों की पेड़ से टकराई कार, 3 की मौत, 2 गंभीर रुप से घायल
विदेशी छात्रों के लिए बदली व्यवस्था
DAVV ने विदेशी विद्यार्थियों को लेकर इस बार पात्रता प्रक्रिया में बदलाव किया है। कॉलेजों में अध्ययनरत विदेशी छात्रों को एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) से मिला प्रमाणपत्र छात्र कल्याण संघ में जमा करना होगा। प्रमाणपत्र की जांच के बाद छात्र कल्याण संघ क्लियरेंस सर्टिफिकेट जारी करेगा। इसके आधार पर विश्वविद्यालय विदेशी विद्यार्थी का पात्रता प्रमाणपत्र तैयार करेगा। यह प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही संबंधित विद्यार्थी संस्थान में अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगा।
ये भी पढ़ें: वंदे मातरम् की जगह बजा लता मंगेशकर के एल्बम का गाना, 4 मिनट तक खड़े रहे लोग; एकनाथ शिंदे ने मांगी माफी
कॉलेजों को पुलिस से भी साझा करना होगा रिकॉर्ड
विश्वविद्यालय ने कश्मीरी और विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर कॉलेज प्रबंधन को जिम्मेदार बनाया है। निर्देशों के मुताबिक विद्यार्थियों का रिकॉर्ड केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित नजदीकी पुलिस थाने, उच्च शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी उपलब्ध कराया जाएगा। कॉलेज और हॉस्टल परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें: भोपाल में Ola-Uber बंद, स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी, ऑटो वालों ने मांगा डेढ़ से दोगुना किराया
हर महीने विद्यार्थियों से बातचीत के निर्देश
DAVV छात्र कल्याण संघ के अध्यक्ष डॉ. एलके त्रिपाठी ने बताया कि कॉलेजों को विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना होगा। प्राचार्य, शिक्षकों और एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के संपर्क नंबर भी छात्रों को उपलब्ध कराने होंगे। कॉलेज प्रबंधन को हर महीने कम से कम एक बार विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी लेने और शिकायत मिलने पर उसका तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
मई से अगस्त तक हुए दाखिले
नए शैक्षणिक सत्र के लिए मई से अगस्त के बीच कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया चली। इस दौरान मध्य प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी विद्यार्थी इंदौर पहुंचे हैं। अब DAVV इन विद्यार्थियों से जुड़ा व्यवस्थित रिकॉर्ड अपने पास रखना चाहता है। इसी उद्देश्य से संबद्ध कॉलेजों से जानकारी मांगी गई है और इसके लिए 30 अगस्त अंतिम तारीख तय की गई है।












