20 मार्च को मनाए जाने वाले वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे का मकसद लोगों को मुंह की सफाई और सेहत के प्रति जागरूक करना है। बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि ओरल हेल्थ की समस्या एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
हर साल 20 मार्च को वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को दांत, मसूड़ों और मुंह की सफाई के प्रति जागरूक करना है। आज के समय में ओरल हेल्थ एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन लोग इसे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि मुंह की सेहत का सीधा असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है।
ये भी पढ़ें: ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’: अमेरिका का बड़ा हमला, ईरान के 7 हजार ठिकानों को बनाया निशाना
इस साल वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे 2026 की थीम है 'A Happy Mouth is a Happy Life' यानी 'स्वस्थ मुंह, सुखी जीवन'। यह थीम बताती है कि अगर हमारा मुंह स्वस्थ है, तो हम शारीरिक, मानसिक रूप से बेहतर जीवन जी सकते हैं। इस दिन लोगों को सही तरीके से ब्रश करना, मीठा कम खाना और नियमित डेंटल चेकअप जैसे अच्छे आदतों के बारे में बताया जाता है।
WHO के अनुसार, दुनिया में करीब 3.5 अरब लोग किसी न किसी ओरल बीमारी से परेशान हैं। भारत में भी स्थिति चिंताजनक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 60-65 प्रतिशत लोग दांतों की सड़न से और 50 प्रतिशत से ज्यादा वयस्क मसूड़ों की बीमारी से पीड़ित हैं। बच्चों में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसका कारण ज्यादा मीठा खाना और सही तरीके से ब्रश न करना है।