Naresh Bhagoria
6 Feb 2026
इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में तिल चतुर्थी से पहले वर्ष 2025 की अंतिम दानपेटियों की गिनती ने एक बार फिर भक्तों की अद्भुत आस्था का प्रमाण दे दिया है। सोमवार से शुरू हुई गिनती में तीन दिन में बुधवार तक मुख्य दानपेटियों से 1 करोड़ 37 लाख रुपये निकल चुके हैं। सिर्फ बुधवार को ही 34 लाख रुपये निकले। गिनती में विदेशी मुद्रा के साथ भगवान के लिए चांदी के आभूषण, पुरानी और चलन से बाहर हो चुकी नोटें भी मिली हैं। सुरक्षा कैमरों और पुख्ता व्यवस्था के बीच यह गणना अगले पांच दिन और जारी रहने का अनुमान है। इससे पहले 1 अगस्त को दस दिन चली गिनती में 1 करोड़ 68 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। मंदिर में हर साल तीन बार दानपेटियों की गिनती होती है।
गिनती में ट्रेजरी अधिकारी, नगर निगम कर्मचारी और बैंक कर्मचारी शामिल हैं। विदेशी मुद्रा के साथ दानपेटियों में मिले पत्रों में भक्तों ने अपने मन की बातें और आस्था भरी इच्छाएं भी लिखी हैं। प्राप्त राशि को पंजाब नेशनल बैंक के मंदिर खाते में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच जमा कराया गया। मंदिर परिसर में कुल 43 दानपेटियां विभिन्न स्थानों पर लगी हैं, जिनमें से मुख्य दानपेटियों की गिनती प्राथमिकता से की जा रही है। प्रबंध समिति के मैनेजर घनश्याम शुक्ला ने बताया कि पूरी प्रक्रिया कैमरों की निगरानी में कार्यालय में की जा रही है और गिनती के बाद दानपेटियों को पुनः उनके स्थान पर स्थापित कर दिया जाता है।
नववर्ष और तिल चतुर्थी के अवसर पर खजराना गणेश मंदिर में इस बार विशेष दर्शन व्यवस्था लागू की जाएगी। वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसंबर को रात 11 बजे तक दर्शन होंगे, जबकि वर्ष 2026 के पहले दिन तड़के 4 बजे से दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे। तिल चतुर्थी मेला 6 जनवरी से शुरू होगा, जिसमें भगवान को सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, पुलिस बल और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था रखी जाएगी। दर्शन के लिए चलित कतारें चार-चार की लाइन में आगे बढ़ाई जाएंगी ताकि भीड़ व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके।