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COVID-19 JN.1 Variant : क्या ओमिक्रॉन से ज्यादा खतरनाक है नया वैरिएंट JN.1 ? जानें इसके Symptoms

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COVID-19 JN.1 Variant : क्या ओमिक्रॉन से ज्यादा खतरनाक है नया वैरिएंट JN.1 ? जानें इसके Symptoms
हेल्थ डेस्क। दुनिया जैसे ही कोरोना वायरस को भूलने लगती है कि वैसे ही कोरोना का एक और नया वैरिएंट आ जाता है, जो फिर से लोगों की नींद उड़ा देता है। ऐसा ही कुछ कोरोना वायरस के इस नए वैरिएंट ने भी किया है। दरअसल, कोरोना का नया वैरिएंट JN.1 ने इस समय भारत समेत 41 के देशों में खलबली मचा रखी है। पिछले 24 घंटों में देश भर में कोरोना के 358 नए मामले सामने आए, जिनमें से 300 मामले केवल केरल (भारत) के हैं। वहीं इस संक्रमण से अब तक 6 लोगों की मौतें भी हुईं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में वर्तमान में कोरोना के 2,669 एक्टिव मामले हैं। जिनमें से 21 मामले नए वैरिएंट के बताए जा रहे हैं। कोरोना के नए वैरिएंट की गंभीरता को समझते हुए आइए जानते हैं JN.1 वैरिएंट के बारे में...

JN.1 सब-वैरिएंट क्या है?

JN.1 ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट BA.2.86 से बना हुआ है। साल 2022 की शुरुआत में BA.2.86 ही कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी का कारण था। BA.2.86 व्यापक रूप से नहीं फैला था, लेकिन उसने अपने म्यूटेशन से विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया था, क्योंकि BA.2.86 के स्पाइक प्रोटीन पर म्यूटेशन हुए थे और उसी तरह JN.1 के स्पाइक प्रोटीन में भी एक अतिरिक्त म्यूटेशन पाया गया है।

मजबूत इम्यूनिटी वाले भी चपेट में : विशेषज्ञ

विशेषज्ञों का कहना है कि पूरी दुनिया में नए वैरिएंट के मामलों की बढ़ोतरी से पता चलता है कि JN.1 - ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट है, जो मजबूत इम्यूनिटी वालों को भी आसानी से संक्रमित कर सकता है।

कोरोना के नए वैरिएंट JN.1 के लक्षण

  • बुखार
  • सर्दी होना (बहती नाक)
  • गला खराब होना
  • सिर दर्द
  • कुछ मामलों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं
  • थकान महसूस करना
  • मांसपेशियों में कमजोरी

कितना जानलेवा है कोरोना का नया JN.1 वैरिएंट?

कोरोना के बाकी वैरिएंट के तुलना में इसमें ज्यादा म्यूटेशन है, जो परेशानी का कारण बन सकती है। यह स्पाइक प्रोटीन में म्यूटेन करता है जो इसकी संक्रामकता और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया से बचने की क्षमता को बढ़ा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट चंद्रकांत लहरिया ने न्यूज एजेंसी को बताया कि, 'भारत में लोग पहले ही ओमिक्रॉन वैरिएंट समेत कई सब-वैरिएंट के संपर्क में आ चुके हैं और उन्हें COVID-19 वैक्सीन की कम से कम दो डोज लग चुकी हैं। SARS-CoV-2 वैरिएंट या उप-वैरिएंट के कारण गंभीर बीमारी होने का कोई जोखिम नहीं दिख रहा है।' बीते दिन WHO ने भी इस वैरिएंट के बारे में बात करते हुए बताया था कि नए वैरिएंट को लेकर जारी रिसर्च में पता चला है कि मौजूदा वैक्सीन JN.1 वैरिएंट पर पूरी तरह से कारगर है। इससे लोगों को ज्यादा खतरा नहीं है। हालांकि JN.1 संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसलिए मामले तो बढ़ सकते हैं, लेकिन जारी रिसर्च फिलहाल यह नहीं बताती कि इसकी गंभीरता अधिक है।

कैसे करें बचाव

कोरोना के किसी भी वैरिएंट से बचाव का यही उपाय है कि संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए बार-बार हाथ धोएं, भीड़ वाले इलाको से दूरी बनाए। बंद या दूषित हवा वाले इलाकों में मास्क पहने। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

भारत में JN.1 मामले

ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के मुताबिक, नए वैरिएंट का मामला सबसे पहले 8 दिसंबर को केरल के तिरुवनंतपुरम में सामने आया था। जब 79 साल की एक महिला को इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण थे, हालांकि बाद में वह कोविड-19 से ठीक हो भी हो गई। लेकिन, बाद में जब उसने नए JN.1 वैरिएंट का टेस्ट कराया तो उसकी RT-PCR रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद आज की डेट में दुनिया के 41 देशों में कोरोना वायरस के नए सब-वैरिएंट के फैलने के खतरे के साथ भारत में नए सब वैरिएंट JN.1 के 21 केस सामने आए हैं। इनमें गोवा में 19 और केरल-महाराष्ट्र में 1-1 केस मिले हैं। ये भी पढ़ें- Covid-19 Returns : दुनिया के 40 देशों में कोरोना के नए वैरिएंट JN.1 की एंट्री, भारत में सामने आए 21 केस, जानें WHO ने क्या कहा
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By People's Reporter
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