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कोरोना गया, पर नहीं उतर रहा उसका भूत

फैमिली कोर्ट पहुंचे तीन मामलों में कोविड प्रोटोकॉल बना विवाद का कारण
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कोरोना गया, पर नहीं उतर रहा उसका भूत

पल्लवी वाघेला- भोपाल। कोरोनाकाल बीतने के बाद भी इसका असर लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है। यह असर फिजिकल के साथ साइकोलॉजिकल भी है। इसका ताजा उदाहरण हैं, भोपाल फैमिली कोर्ट में विचाराधीन तीन मामले। इनमें दंपति के बीच विवाद की वजह कोरोनाकाल के बाद भी प्रोटोकॉल जारी रखना है। पतियों के दिमाग से कोरोना का भूत अब तक नहीं गया है। इससे उनका जीना दुश्वार हो गया है।

तब बनी आदतें छूट नहीं रहीं, दांपत्य जीवन पर पड़ रहा असर

एक-एक हैंडल सैनेटाइज करवाता है पति : अयोध्या बाइपास निवासी महिला के पति ने पत्नी को वापस बुलाने के लिए आवेदन लगाया है। काउंसलिंग में पत्नी ने कहा कि पति ने कोरोनाकाल में कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखा। अब यह उनकी आदत सी बन गई है। वह चाहते हैं कि घर में हर दो घंटे में पोछा लगे, ताकि बच्ची इंफेक्शन का शिकार न हो। पत्नी ने कहा कि वह मदद करते हैं, लेकिन फिर भी यह आदत उसके लिए परेशानी बन गई है।

पत्नी ने कर ली सब्जियों से तौबा: अशोका गार्डन निवासी एक पति ने पत्नी से तलाक मांगा है। पति का कहना है कि पत्नी को दूसरी लहर में कोरोना हुआ था। इसके बाद से उसके दिमाग में एक बात घर कर गई है कि सब्जी से ही वायरस घर तक आया। ऐसे में उसने सब्जी बनानी बंद कर दी है। सब्जी बनती भी है, तो उसे इतना धोती और उबाल देती है कि उसका रंग, स्वाद सब खराब हो जाता है। वह डेढ़ साल से मानसिक प्रताड़ना झेल रहा है।

अभी तक सोशल नहीं हो पाया पति : भोपाल निवासी महिला की शादी नागपुर में हुई है। पत्नी सात माह से मायके में है। पति ने उसे वापस घर बुलाने आवेदन दिया है। पत्नी ने बताया कि पति मेडिकल फील्ड से जुड़े हैं। कोरोना काल में वह और नौ साल की बेटी घर में बंद रहे। पति न खुद किसी सोशल गैदरिंग में शामिल होते हैं और न उसे जाने देते हैं। मार्केट जाने पर भी मास्क, सैनेटाइजर आदि का ध्यान रखना पड़ता है। पति जब तक खुद को नहीं सुधारते, वह नहीं जाएगी।

कोरोना में लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल गई थी। कुछ लोग अब भी इसके डर से उबर नहीं पाए हैं। ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इन केसेस में लोगों की साइकोलॉजी पर कोविड की नकारात्मकता का असर है। हेल्दी हैबिट्स गलत नहीं, लेकिन हर समय इसका डर गलत है। - डॉ. दीप्ति सिंघल, साइकोलॉजिस्ट

Javedakhtar Ansari
By Javedakhtar Ansari

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