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दूरस्थ जिलों के लिए शुरू होगी मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस सेवा

विस में राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण
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दूरस्थ जिलों के लिए शुरू होगी मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस सेवा

भोपाल। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार लोगों को एयर लिफ्ट कर बड़े अस्पतालों में शिफ्ट करने के लिए सर्वसुविधायुक्त एयर एम्बुलेंस चलाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की जाएगी। वहीं केदारनाथ धाम की तर्ज पर इंदौर से उज्जैन एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग तथा जबलपुर से चित्रकूट, ग्वालियर से ओरछा व पीताम्बरा पीठ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रारंभ की जाएंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेली पर्यटन सेवा योजना के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए हवाई यात्रा शुरू की जाएगी। यह बात बुधवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कही।

उन्होंने कहा कि चित्रकूट एवं ओरछा सहित प्रदेश की सीमाओं में संपूर्ण राम वन गमन पथ के सर्वांगीण विकास का काम प्रारंभ कर दिया गया है। प्रदेशभर में जहां-जहां भगवान श्रीराम और कृष्ण भगवान के चरण पड़े हैं उन स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा।

इंदिरा सागर और गांधी सागर में भी शुरू होगी सोलर फ्लोटिंग परियोजनाएं

  • ओंकारेश्वर सोलर फ्लोटिंग परियोजना कार्य प्रारंभ करने के साथ साथ बिरसिंहपुर, इंदिरा सागर एवं गांधी सागर जलाशयों में भी फ्लोटिंग सोलर परियोजना विकास के लिए तकनीकी सर्वे कार्य किया जा रहा है।
  • प्रदेश में दस नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। वहीं प्रत्येक जिला एवं सिविल अस्पतालों को एक-एक शव वाहन उपलब्ध कराया जाएगा।
  • प्रदेश में मलखम्ब के साथ ही जिम्नास्टिक अकादमी की स्थापना भी की जाएगी।

सरकार की उपलब्धियों में ये भी

  • विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अंकसूची एवं उपलब्धियों को डिजिलॉकर में अपलोड करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। राज्य नीति आयोग में युवा शोध दल बनाया गया है।
  • प्रदेश में वर्ष 2024 में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू आएगी। प्रदेश में 500 से अधिक बसें केंद्र से मिलने की संभावना है।
  • आईआईटी इंदौर के माध्यम से देश में शोध आधारित प्रथम आईआईटी डीप-टेल रिसर्च और डिस्कवरी कैंपस की स्थापना उज्जैन में की जा रही है। विश्वस्तरीय इस अनुसंधान केंद्र की लागत 474 करोड़ रुपए होगी।
  • दिल्ली-नागपुर इन्वेस्टमेंट कॉरिडोर के अंतर्गत उद्योगों की स्थापना के लिए सागर जिले में 996, कटनी में 588 और सिवनी में 559 हेक्टेयर भूमि चिंहित की गई है।
  • प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड बनाया जा रहा है।
  • रीवा में हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जा रहा है। दतिया हवाई पट्टी से उड़ान योजना प्रारंभ की जाएगी।
People's Reporter
By People's Reporter

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