छिंदवाड़ा में जल संकट गहराया, 48 वार्डों में पानी की सप्लाई प्रभावित

छिंदवाड़ा। शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले प्रमुख स्रोत कन्हरगांव डेम का जलस्तर घटने से यहां से होने वाली जलापूर्ति बंद करनी पड़ी है। फिलहाल भरतादेव फिल्टर प्लांट को कुलबेहरा नदी से पानी मिल रहा है, लेकिन इस स्रोत में भी करीब 10 दिन का पानी है। ऐसे में माचागोरा डेम से भरतादेव फिल्टर प्लांट तक बिछाई गई नई पाइपलाइन से जल्द सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है। प्रशासन के सामने शहर के 48 वार्डों तक पर्याप्त दबाव से पानी पहुंचाने और खेती के लिए पानी के वितरण में संतुलन बनाने की चुनौती भी है।
छिंदवाड़ा के 48 वार्डों में जलापूर्ति प्रभावित
छिंदवाड़ा में इस बार मानसून की बेरुखी और सामान्य से काफी कम बारिश ने अब गंभीर रूप लेना शुरू कर दिया है। जिले में महज 70 प्रतिशत बारिश होने का सीधा असर शहर की जल आपूर्ति पर पड़ा है। छिंदवाड़ा नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी 48 वार्डों में पानी की सप्लाई प्रभावित होने लगी है, जिससे स्थानीय नागरिकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
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कन्हरगांव डेम से पानी की सप्लाई बंद
छिंदवाड़ा शहर की प्यास बुझाने वाले प्रमुख जल स्रोतों में से एक कन्हरगांव डेम का जलस्तर इस वर्ष कम बारिश के कारण तेजी से गिर गया है। स्थिति गंभीर होने के चलते डेम से होने वाली जलापूर्ति पूरी तरह बंद करनी पड़ी है। अब शहर में पानी की व्यवस्था बनाए रखने के लिए दूसरे जल स्रोतों पर निर्भरता बढ़ गई है।
कुलबेहरा नदी में केवल 10 दिन का पानी बचा
वर्तमान में भरतादेव फिल्टर प्लांट को केवल कुलबेहरा नदी के माध्यम से पानी मिल रहा है, लेकिन भू-जल स्तर गिरने और नदी में पानी की आवक कम होने के कारण इस स्रोत में भी महज 10 दिनों का पानी शेष बचा है। इसके साथ ही पानी को अपलिफ्ट करने की चुनौती भी सामने आ रही है। यदि समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो शहर में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है।
माचागोरा डेम से नई पाइपलाइन के जरिए मिलेगी राहत
शहरवासियों को लगातार पानी मिलता रहे, इसके लिए माचागोरा डेम से भरतादेव फिल्टर प्लांट तक विशेष रूप से नई पाइपलाइन बिछाई गई है। परियोजना के अंतिम चरण में फिलहाल पाइपलाइन और पानी की गुणवत्ता की सख्त टेस्टिंग की जा रही है, ताकि आपूर्ति शुरू होने के बाद किसी तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े। नगर निगम कमिश्नर सीपी राय ने बताया कि तकनीकी परीक्षण लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही माचागोरा डेम से शहर के लिए पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएगी।
शहर और किसानों के बीच पानी का वितरण चुनौती
माचागोरा डेम से केवल शहरी इलाकों को ही नहीं, बल्कि कृषि कार्यों के लिए किसानों को भी पानी दिया जाता है। रबी सीजन और खेती की जरूरतों के बीच पानी का सही वितरण करना प्रशासन के लिए चुनौती होगा। साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि शहर के सभी 48 वार्डों में पर्याप्त प्रेशर के साथ पानी पहुंचे और नागरिकों को नियमित आपूर्ति मिलती रहे।
आने वाले दिन शहर के लिए अहम
छिंदवाड़ा में जल संकट अब गंभीर स्थिति की ओर बढ़ रहा है और आने वाले कुछ दिन शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि माचागोरा डेम से जलापूर्ति समय पर शुरू नहीं हुई, तो नागरिकों को आने वाले दिनों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे पानी का उपयोग बेहद संयम और समझदारी के साथ करें, ताकि उपलब्ध जल का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किया जा सके।




















