CG NEWS:नकटी गांव पर विधानसभा में बवाल: स्थगन प्रस्ताव खारिज, विपक्ष का हंगामा, सरकार बोली- कार्रवाई पूरी तरह कानूनी

रायपुर न्यूज। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन नकटी गांव में हुई प्रशासनिक कार्रवाई का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरने की कोशिश की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने सदन के वेल में उतरकर जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस ने कार्रवाई को अमानवीय बताया, जबकि सरकार ने इसे पूरी तरह कानूनी और नियमानुसार बताया।
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स्थगन प्रस्ताव से शुरू हुआ विवाद
मानसून सत्र के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने नकटी गांव में हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।
प्रस्ताव खारिज होते ही सदन में हंगामा
स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार होने के बाद कांग्रेस विधायक अपनी सीटों से उठकर सदन के वेल में पहुंच गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और कार्रवाई को गरीब विरोधी बताते हुए विरोध दर्ज कराया।
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कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस का कहना है कि प्रशासन ने नकटी गांव में 85 परिवारों के मकान तोड़ दिए, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि बारिश के मौसम में इस तरह की कार्रवाई करना पूरी तरह अमानवीय है। कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास देने की मांग भी उठाई।
उमेश पटेल ने उठाए कई सवाल
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने पूछा कि आखिर मानसून के बीच ही कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान भी तोड़े गए। साथ ही बुलडोजर कार्रवाई के दौरान चार गाय और एक बछिया की मौत होने का भी आरोप लगाया।
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कवासी लखमा बोले- चार महीने बाद भी हो सकती थी कार्रवाई
कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने कहा कि यदि प्रशासन को कार्रवाई करनी ही थी तो मानसून खत्म होने का इंतजार किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि बारिश के बीच लोगों को बेघर करना संवेदनहीन फैसला है।
सरकार ने कार्रवाई को बताया पूरी तरह कानूनी
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि नकटी गांव में अवैध कब्जे की शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया कानून और संविधान के अनुसार पूरी की गई है।
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सदन में गरमाई राजनीति
नकटी गांव का मामला अब राजनीतिक रूप ले चुका है। कांग्रेस सरकार को गरीब विरोधी बता रही है, जबकि सरकार का कहना है कि अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई कानून के दायरे में की गई। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।












