CG NEWS: मंत्री के बंगले पर अतिथि व्याख्याताओं का धरना, बात सुने बिना लौटे मंत्री, पॉलिसी बदलने की चेतावनी

प्रेम कुमार, रायपुर। रायपुर में अतिथि नीति-2024 में संशोधन की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अतिथि व्याख्याता उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पहुंचे। व्याख्याताओं का आरोप है कि मंत्री ने उनकी बात सुने बिना ही वहां से चले गए। इससे नाराज व्याख्याता मंत्री के बंगले में धरने पर बैठ गए और चेतावनी दी कि जब तक नीति में सुधार नहीं होगा, तब तक वे ज्वाइन नहीं करेंगे।
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मंत्री निवास पहुंचे अतिथि व्याख्याता
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए अतिथि व्याख्याता रायपुर स्थित उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पहुंचे। उनका कहना है कि अतिथि नीति-2024 में कई ऐसी कमियां हैं, जिनके कारण हजारों व्याख्याताओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसी वजह से वे नीति में संशोधन की मांग लेकर मंत्री से मिलने पहुंचे थे।

बिना बातचीत के लौटने का आरोप
अतिथि व्याख्याताओं का आरोप है कि मंत्री ने उनकी समस्याएं सुनने के बजाय नाराजगी जताई और बिना चर्चा किए वहां से चले गए। इससे व्याख्याताओं में भारी नाराजगी फैल गई। उनका कहना है कि वे अपनी बात रखने के लिए प्रदेशभर से आए थे, लेकिन उन्हें मिलने का अवसर तक नहीं मिला।
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ये हैं प्रमुख मांगें
अतिथि व्याख्याताओं की प्रमुख मांगों में अतिथि नीति-2024 में संशोधन, 12 माह का कार्यकाल, नियमित मासिक मानदेय, सेवा सुरक्षा और नीति की त्रुटियों को दूर करना शामिल है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में रोजगार की स्थिरता नहीं है, जिससे हर साल असमंजस की स्थिति बनी रहती है।
धरने पर बैठे, दी आंदोलन की चेतावनी
मंत्री के रवैये से नाराज अतिथि व्याख्याता उनके निवास परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक वे ज्वाइन नहीं करेंगे। साथ ही आंदोलन को और तेज करने की भी चेतावनी दी।
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सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के अगले कदम पर है। यदि सरकार और अतिथि व्याख्याताओं के बीच जल्द बातचीत नहीं होती, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।












