🌤️
--Raipur, India

PlayBreaking News

CG NEWS: छत्तीसगढ़ के 6,800 निजी स्कूलों को बड़ी राहत: अब बिना अपनी जमीन भी मिलेगी मान्यता, कॉन्ट्रैक्ट मॉडल से पूरी होंगी सुविधाएं

माशिमं के नए नियम लागू, खेल मैदान, लाइब्रेरी और लैब के लिए सरकारी संस्थानों या अन्य स्कूलों से समझौता होगा मान्य। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने मान्यता संबंधी नियमों में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों के लिए स्वयं की भूमि होना अब अनिवार्य नहीं रहेगा। सीमित संसाधनों वाले स्कूल किराये या अनुबंध के आधार पर भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर मान्यता प्राप्त कर सकेंगे।
Follow on Google News
छत्तीसगढ़ के 6,800 निजी स्कूलों को बड़ी राहत: अब बिना अपनी जमीन भी मिलेगी मान्यता, कॉन्ट्रैक्ट मॉडल से पूरी होंगी सुविधाएं

RAIPUR NEWS। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए प्रदेश के 6,800 से अधिक निजी स्कूलों को बड़ी राहत दी है। नए नियमों के तहत अब स्कूल संचालन के लिए स्वयं की जमीन होना अनिवार्य नहीं रहेगा। खेल मैदान, पुस्तकालय और प्रयोगशाला जैसी सुविधाएं भी स्कूल परिसर में होना जरूरी नहीं होगा। स्कूल अब सरकारी संस्थानों, नगर निगम या अन्य मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के साथ अनुबंध (Agreement) कर इन सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए वैध दस्तावेज और अनुबंध प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

यह भी पढ़ें: CG NEWS : छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी तेज: रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में बनी 5 सदस्यीय समिति

अब नहीं होगी अपनी जमीन की बाध्यता

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने मान्यता संबंधी नियमों में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों के लिए स्वयं की भूमि होना अब अनिवार्य नहीं रहेगा। सीमित संसाधनों वाले स्कूल किराये या अनुबंध के आधार पर भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर मान्यता प्राप्त कर सकेंगे।

खेल मैदान और लैब के लिए साझेदारी मॉडल

यदि किसी स्कूल के पास खेल मैदान, प्रयोगशाला या पुस्तकालय नहीं है तो वह सरकारी संस्थानों, नगर निगम या पहले से मान्यता प्राप्त अन्य शिक्षण संस्थानों के साथ समझौता कर इन सुविधाओं का उपयोग कर सकेगा। यह व्यवस्था अब मान्यता प्रक्रिया का वैध हिस्सा होगी।

यह भी पढ़ें: CG NEWS: नशेड़ी दूल्हे' को दुल्हन का करारा जवाब: शादी से किया इनकार, जड़े थप्पड़, बिना दुल्हन लौटी बारात।

6,800 से अधिक निजी स्कूलों को मिलेगा लाभ

प्रदेश में वर्तमान में 6,800 से अधिक निजी स्कूल सीजी बोर्ड से संबद्ध हैं। अकेले रायपुर जिले में 700 से अधिक निजी स्कूल संचालित हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे स्कूलों की है जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है। नए नियम इन संस्थानों के लिए बड़ी राहत माने जा रहे हैं।

केंद्र की नई नीति के अनुरूप बदलाव

माशिमं अधिकारियों के अनुसार यह संशोधन केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की अवधारणा को ध्यान में रखकर किया गया है। इसका उद्देश्य शिक्षा संस्थानों के विस्तार को बढ़ावा देना और सीमित संसाधनों वाले स्कूलों को व्यावहारिक राहत देना है।

यह भी पढ़ें: CG NEWS: राजनांदगांव में 76 करोड़ की फर्जी बिल ट्रेडिंग का भंडाफोड़, आदेश्वर ट्रेड लिंक का संचालक गिरफ्तार

विशेषज्ञों ने जताई गुणवत्ता को लेकर चिंता

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निगरानी मजबूत नहीं हुई तो केवल कागजी समझौतों के आधार पर मान्यता लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। उनका कहना है कि खेल गतिविधियां, प्रयोगात्मक शिक्षा और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का वास्तविक उपयोग छात्रों तक पहुंचना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

क्या बदला?

 ✔ अपनी जमीन की अनिवार्यता खत्म।

 ✔ साझा खेल मैदान मान्य।

 ✔ किराये या अनुबंध पर लाइब्रेरी और लैब स्वीकार्य।

 ✔ सरकारी संस्थानों से एमओयू की सुविधा।

 ✔ दस्तावेजी अनुबंध अनिवार्य।

 ✔ मूलभूत सुविधाएं खत्म नहीं, केवल मॉडल बदला।

यह भी पढ़ें: CG NEWS: बिलासपुर सेंट्रल जेल में आरोपी का टशन: जेल गेट पर मोबाइल पर बात करता दिखा आरोपी, सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

खबर की मुख्य बातें 

निजी स्कूलों के लिए अपनी जमीन की अनिवार्यता समाप्त।

 खेल मैदान, लाइब्रेरी और लैब साझा मॉडल पर उपलब्ध कराई जा सकेगी।

 सरकारी संस्थानों, नगर निगम और अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों से  एमओयू (MoU) संभव।

 6,800 से अधिक निजी स्कूलों को मिलेगा सीधा फायदा।

 गुणवत्ता और निगरानी को लेकर शिक्षा विशेषज्ञों ने जताई चिंता।

PREM

मै People's Updates रायपुर,छग में CHIEF EDITOR के पद में कार्यरत हूँ।अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत...Read More

icon

Latest Posts