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18 नाम और कड़े सवाल! कौन बनेगा राम मंदिर ट्रस्ट का CEO? उम्मीदवारों से पूछा- राम में कितनी आस्था और क्या है विजन? जनेऊ पहनते हैं, मांस खाते हैं?

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की तलाश अब इंटरव्यू के दौर में पहुंच गई है। 5,200 से ज्यादा आवेदनों में से चुने गए उम्मीदवारों से प्रशासनिक अनुभव के साथ उनकी धार्मिक मान्यताओं, खान-पान और मंदिर को लेकर सोच पर भी सवाल किए गए।
18 नाम और कड़े सवाल! कौन बनेगा राम मंदिर ट्रस्ट का CEO? उम्मीदवारों से पूछा- राम में कितनी आस्था और क्या है विजन? जनेऊ पहनते हैं, मांस खाते हैं?
राम मंदिर CEO पद के लिए इंटरव्यू

अयोध्या। राम मंदिर के प्रशासन को और मजबूत बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्णकालिक CEO चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को अयोध्या में उम्मीदवारों के इंटरव्यू हुए। पहले दिन आठ लोगों से आमने-सामने बातचीत की गई। इनमें पूर्व IAS, IPS और सैन्य सेवा से जुड़े अधिकारी शामिल रहे। उम्मीदवारों से मंदिर के प्रबंधन, बड़ी भीड़ संभालने, नेतृत्व क्षमता और भविष्य की योजना पर सवाल पूछे गए। इसके साथ ही उनकी धार्मिक मान्यताओं और जीवनशैली से जुड़े कुछ निजी सवाल भी चर्चा में रहे।

18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन पहुंचे थे। 5,200 से ज्यादा आवेदनों की जांच के बाद 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया। इनमें प्रशासनिक सेवाओं के अनुभवी अधिकारियों के साथ पुलिस और सैन्य पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार भी शामिल हैं। CEO की जिम्मेदारी मंदिर परिसर के रोजमर्रा के कामकाज, व्यवस्था और प्रशासन को बेहतर तरीके से संभालने की होगी।

आस्था और खान-पान पर भी सवाल

उम्मीदवारों से कुछ ऐसे सवाल पूछे गए जो आम प्रशासनिक इंटरव्यू से अलग थे। उनसे भगवान राम में आस्था, जनेऊ पहनने, शिखा रखने और शाकाहारी भोजन को लेकर सवाल किए गए। शराब के सेवन और हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार जीवनशैली अपनाने को लेकर भी जानकारी मांगी गई। इन सवालों का मकसद उम्मीदवार की धार्मिक परंपराओं और मंदिर से जुड़े माहौल के साथ उसकी सहजता को समझना बताया गया है।

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सिर्फ धर्म नहीं, काम का अनुभव भी अहम

इंटरव्यू में उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता को भी परखा गया। उनसे पूछा गया कि उन्होंने पहले किन पदों पर काम किया है और कितनी बड़ी भीड़ या बड़े आयोजन संभाले हैं। राम मंदिर में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, व्यवस्था और अलग अलग विभागों के बीच तालमेल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीदवारों से मंदिर के भविष्य को लेकर उनका विजन भी जाना गया। उनसे यह समझने की कोशिश की गई कि अगर उन्हें CEO की जिम्मेदारी मिलती है तो वे मंदिर परिसर की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और प्रशासनिक कामकाज को किस तरह बेहतर बनाएंगे।

चयन समिति में ये बड़े नाम

CEO के चयन के लिए बनाई गई समिति में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल बताए गए हैं। समिति उम्मीदवारों के प्रदर्शन और अनुभव का आकलन करने के बाद तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखेगी। इसके बाद अंतिम फैसला ट्रस्ट की ओर से किया जाएगा।

दान से जुड़े विवाद के बाद क्यों जरूरी हुआ CEO?

पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति का फैसला मंदिर की व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच लिया गया। राम मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच चल रही है और इस मामले में गिरफ्तारियां भी हुई हैं। विवाद के बाद मंदिर प्रशासन में जिम्मेदारी और निगरानी को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया।

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अब किस नाम पर लगेगी मुहर?

सभी 18 उम्मीदवारों की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। इंटरव्यू के बाद चयन समिति तीन नामों की सिफारिश कर सकती है। इसके बाद ट्रस्ट अंतिम उम्मीदवार का फैसला करेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि राम मंदिर के बढ़ते प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी किस अनुभवी अधिकारी को मिलती है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...Read More

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