छत्तीसगढ़ सरकार ने अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित कर दी है, जबकि घरेलू गैस की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। सरकार और जिला प्रशासन लगातार निगरानी रख रहे हैं, ताकि आवश्यक सेवाओं में गैस की कमी न हो और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही गैस की कालाबाजारी और अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कमी को देखते हुए बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें बताया गया कि-फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मुख्य रूप से अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों को शैक्षणिक संस्थानों को पहले उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा जरुरत को देखते हुए होटल और अन्य संस्थानों को सीमित मात्रा में, लगभग 15 प्रतिशत तक, गैस सप्लाई की अनुमति दी जा सकती है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि-आपूर्ति व्यवस्था संतुलित बनी रहे।
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खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने मंत्रालय महानदी भवन में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में एलपीजी की उपलब्धता की समीक्षा की। बैठक में जानकारी दी गई कि- राज्य में चल रहे पांचों एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, और इसकी सप्लाई सामान्य तरीके से जारी है। किसी भी ग्राहक को परेशानी ना हो इस तरफ भी ध्यान दिया जा रहा है।
बता दें कि प्रशासन ने जिलों में एलपीजी गैस के दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि- ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों और एलपीजी डीलर्स के साथ बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की।