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छतरपुर में थाने पर पथराव : आरोपी के मकान पर चला बुलडोजर, 100 से अधिक उपद्रवियों पर FIR

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में कोतवाली थाने पर हुए पथराव मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि कोई भी सुनियोजित तरीके से कानून हाथ में ले, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की, जिनमें से करीब 45 लोग नमजद हैं। इस मामले के मुख्य आरोपी पूर्व कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हाजी शहजाद अली के महलनुमा आलीशान मकान (बंगले) पर बुलडोजर चलवा दिया।

शहर में पुलिस बल तैनात

पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने आज बताया कि पुलिस द्वारा इस मामले में 150 से अधिक लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 46 नामजद हैं तथा शेष अन्य लोग हैं। शहर में पुलिस बल तैनात किया गया है तथा स्थिति शांतिपूर्ण है। वहीं, इस मामले के मुख्य आरोपी पूर्व कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हाजी शहजाद अली के शहर के रानी तलैया स्थिति महलनुमा आलीशान मकान को प्रशासन द्वारा धराशायी किए जाने की कार्रवाई की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कोतवाली थाने में कल एक समुदाय विशेष लोग किसी मामले को लेकर पुलिस को ज्ञापन देने आए थे।

देखें वीडियो

कौन है हाजी शहजाद अली ?

आरोपी हाजी शहजाद अली के आलीशान बंगले को जमीदोज कर दिया है। हाजी शहजाद अली का घर इलाके में बेहद खास था। वह उस इलाके का सबसे बड़ा नेता था। घर की अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक है। हाजि शहजाद अली छतरपुर का पूर्व सदर है। इसके साथ ही वह कांग्रेस का जिला उपाध्यक्ष भी है। साथ ही करोड़ों की संपत्ति का मालिक है। मुस्लिमों के बीच अच्छी पकड़ी है।

गाड़ियों को भी किया चकनाचूर

गुरुवार को प्रशासन ने महलनुमा आलीशान बंगले को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया है। साथ ही घर तोड़ने के दौरान वहां खड़ी गाड़ियों को भी चकनाचूर कर दिया है। तीन महंगी लग्जरी गाड़ियों को बुलडोजर और पोकलेन मशीन से रौंद दी गई है। उसके घर में खड़ी एक गाड़ी पर उपाध्यक्ष का प्लेट भी लगा हुआ था। इसके वीडियो सामने आए हैं।

मध्य प्रदेश ‘शांति का प्रदेश’ है : CM मोहन यादव

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘X’ पर लिखा, ”आज छतरपुर जिले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना मिलने पर तुरंत उच्च अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और जवानों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। मध्य प्रदेश ‘शांति का प्रदेश’ है, कोई भी सुनियोजित तरीके से कानून को हाथ में ले यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने पुलिस के उच्च अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषियों की जल्द पहचान कर कठोर कार्यवाही की जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। प्रदेश में शांति और सौहार्द बना रहे यही हमारी प्राथमिकता है।”

100 से अधिक उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज

छतरपुर डीआईजी ललित शाक्यवार के मुताबिक, पुलिस ने 100 से अधिक उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसमें 40-45 नामजद हैं।

क्या है पूरा मामला

बुधवार (21 अगस्त) को सिटी कोतवाली पुलिस थाने पर मुस्लिम समाज की भीड़ ने पथराव कर दिया। महाराष्ट्र में महंत रामगिरि द्वारा पैगंबर मोहम्मद के विरूद्ध कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में हजारों मुसलमान एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर पहुंचे थे। पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच जांच करके कार्रवाई पर सहमति भी बन गई थी, तभी अचानक भीड़ के पीछे की ओर से कुछ नौजवानों ने पथराव शुरु कर दिया। इसमें टीआई सहित दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, ज्ञापन देने पहुंचे हजारों मुसलमानों ने कोतवाली के बाहर जमा होकर नारेबाजी की। इसके बाद अचानक पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने पहले तो भीड़ का सामना किया, लेकिन पथराव बढ़ने पर भीतर छिपकर जान बचाई। इस हमले में कोतवाली टीआई अरविंद कुजूर, एडीएम के गनर अरविंद चढ़ार एवं आरक्षक भूपेंद्र प्रजापति को चोट लगी हैं। कलेक्टर ने कहा उपद्रवियों की पहचान करके कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस अधीक्षक अगम जैन के अनुसार, घटना के बाद थाने के सीसीटीवी एवं अन्य फोटो वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

कौन हैं रामगिरी महाराज ?

छतरपुर का पूरा मामला रामगिरी महाराज के कथित बयान से जुड़ा बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रामगिरी महाराज का असली नाम सुरेश रामकृष्ण राणे है। उनकी शुरुआती शिक्षा जलगांव जिले में हुई। 9वीं कक्षा के दौरान उन्होंने स्वाध्याय केंद्र में गीता और भावगीता के अध्यायों का अध्ययन करना शुरू किया। उन्होंने आगे की पढ़ाई छोड़ आध्यात्मिक मार्ग को चुना। 2009 में वो नारायणगिरि महाराज के शिष्य बन गए। गंगागीर महाराज, नारायणगिरि महाराज के गुरु थे। नारायणगिरि महाराज की मृत्यु के बाद रामगिरी महाराज उनके उत्तराधिकारी बने।

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